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CJI सूर्यकांत जो चाहें करें, फर्क नहीं पड़ता; CJP को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं
 

CJI सूर्यकांत जो चाहें करें, फर्क नहीं पड़ता; CJP को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं

मुंबई में CJP के प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद के बीच संगठन की ओर से सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। CJP ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे अदालत पर भरोसा नहीं है। संगठन की ओर से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर भी टिप्पणी की गई कि वह जो चाहें कर सकते हैं, इससे संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता।

सुप्रीम कोर्ट को लेकर CJP का बयान

CJP की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चर्चा जारी है। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उसे अदालत से न्याय की उम्मीद नहीं है।

CJP की ओर से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के संदर्भ में भी बयान दिया गया। संगठन का कहना है कि CJI अपने स्तर पर जो भी निर्णय लेना चाहें, ले सकते हैं, लेकिन इससे CJP के रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा।

प्रदर्शन और विवाद के बाद बढ़ी हलचल

मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से आयोजित प्रदर्शन के बाद संगठन लगातार चर्चा में है। प्रदर्शन से पहले पुलिस की अनुमति को लेकर भी विवाद सामने आया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे थे।

प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से चुनावी व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध जताया गया था। CJP ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखी थीं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं

CJP के प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ मंच पर आने के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आया। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने विपक्षी नेताओं और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP की ओर से सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं होने का बयान न्यायपालिका को लेकर संगठन के रुख को सामने रखता है। हालांकि अदालत के प्रति किसी संगठन या राजनीतिक समूह की असहमति अपने आप में अदालत के फैसलों को प्रभावित नहीं करती।

आगे क्या होगा?

CJP की ओर से सुप्रीम कोर्ट और CJI सूर्यकांत को लेकर दिए गए बयान के बाद इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया बढ़ने की संभावना है। संगठन लगातार चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को उठा रहा है। वहीं संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी बहस जारी है।

फिलहाल CJP ने अपने रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। संगठन का कहना है कि वह अपने उठाए गए मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाता रहेगा। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।

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