पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिज़ाज बदला, बेमौसम बारिश और तापमान में गिरावट
हिमालय क्षेत्र में उठे पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत आसपास के इलाकों में मौसम को अचानक बदल दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर और मैदानी इलाकों में बेमौसम बारिश ने लोगों को सर्दी के आखिरी दिन सरप्राइज दे दिया।
गुरुवार तड़के, जब दिल्ली-एनसीआर के निवासी गहरी नींद में थे, तब बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की कड़क के साथ तेज बारिश हुई। कई घंटों तक सड़कें जलमग्न रहीं और ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस बारिश ने न केवल गर्मी की कुछ दिनों की गलतफहमी को दूर किया, बल्कि सर्दी का अहसास भी फिर से दिलाया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार की सुबह न्यूनतम तापमान 12-13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो शाम तक गिरकर 6-7 डिग्री तक पहुंच गया। इससे राजधानीवासियों को ठंडी हवाओं और बर्फ की यादें ताज़ा हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और आर्द्र हवाओं के संगम के कारण हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में दबाव का एक बड़ा सिस्टम होता है, जो मानसून और बेमौसम बारिश को प्रभावित करता है। इस बार यह विक्षोभ दिल्ली और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में भी सक्रिय रहा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 और 25 जनवरी को मौसम धीरे-धीरे सामान्य होगा। लेकिन 26 जनवरी से एक दूसरा पश्चिमी विक्षोभ राजधानी के आस-पास प्रभाव डाल सकता है, जिससे 27 जनवरी को फिर से बारिश और हवा में ठंडक देखने को मिल सकती है।
दिल्लीवासियों को मौसम विभाग ने चेतावनी भी जारी की है कि तेज बारिश और अचानक तापमान में गिरावट के कारण सड़क पर सावधानी और सुरक्षा का ध्यान रखें। वहीं, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर भी बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बेमौसम घटनाएं जलवायु परिवर्तन और मौसमी अस्थिरता की ओर इशारा करती हैं। खासकर जनवरी और फरवरी जैसे महीनों में, जब लोग सर्दी के खत्म होने और गर्मी की शुरुआत की उम्मीद कर रहे होते हैं, इस तरह के पश्चिमी विक्षोभ अप्रत्याशित बदलाव ला सकते हैं।
कुल मिलाकर, हिमालय और मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ ने सर्दी और बेमौसम बारिश के रूप में दिल्ली-एनसीआरवासियों को याद दिलाया कि मौसम कभी भी किसी भी दिशा में तेजी से बदल सकता है। आने वाले दिनों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश, ठंडक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

