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14 साल तक सर्जरी का इंतजार, आखिर जिंदगी की जंग हार गई बेटी; AIIMS में 15 साल की लड़की की मौत, पिता ने लगाए गंभीर आरोप

14 साल तक सर्जरी का इंतजार, आखिर जिंदगी की जंग हार गई बेटी; AIIMS में 15 साल की लड़की की मौत, पिता ने लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS से सामने आई एक खबर ने स्वास्थ्य व्यवस्था में इलाज के लिए लंबी प्रतीक्षा और गंभीर बीमारियों के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के कोटा की रहने वाली एक किशोरी की मंगलवार को AIIMS दिल्ली में मौत हो गई। परिवार का दावा है कि वह करीब 14 साल से अपने दिल की सर्जरी का इंतजार कर रही थी। बच्ची को महज दो साल की उम्र में AIIMS लाया गया था और इसके बाद लगातार इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगते रहे।

2012 में पहली बार AIIMS पहुंची थी बच्ची

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची को जन्मजात हृदय संबंधी गंभीर समस्या थी। उसके पिता मुकेश कुमार ने बताया कि वह 10 अक्टूबर 2012 को पहली बार बेटी को लेकर AIIMS दिल्ली पहुंचे थे। जांच में दिल में छेद समेत जटिल समस्या सामने आई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी की जरूरत बताई।

परिवार के मुताबिक, इलाज के दौरान उन्हें लंबे समय तक अलग-अलग तारीखें दी जाती रहीं। पिता का दावा है कि डॉक्टरों ने 2 सितंबर 2015 को सर्जरी की तारीख तय की थी, जिसे बाद में बदल दिया गया। इसके बाद भी ऑपरेशन नहीं हो सका और परिवार लगातार अस्पताल के चक्कर लगाता रहा।

सवा लाख रुपये जमा कराने का दावा

मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि AIIMS की ओर से सर्जरी के लिए करीब 1.25 लाख रुपये जमा कराए गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाज के लिए रक्तदाताओं की व्यवस्था की गई थी। बाद में सर्जरी के लिए तय तारीख पर अस्पताल पहुंचने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो सका।

परिवार का आरोप है कि इसके बाद भी बच्ची की सर्जरी लगातार टलती रही। पिता ने इलाज में देरी को लेकर कई बार शिकायतें भी कीं। 2025 में भी उन्होंने अपनी बेटी के इलाज को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी और 2026 में प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाने का दावा किया था।

डॉक्टरों ने सर्जरी को लेकर अलग राय दी

इस मामले में डॉक्टरों का पक्ष भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों की स्थिति बेहद जटिल थी और वह सर्जरी के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं थी। डॉक्टर का कहना था कि उन्होंने कई बार उसकी जांच और स्कैन की समीक्षा की थी तथा परिवार को उसकी स्थिति के बारे में जानकारी दी गई थी।

यानी परिवार जहां लंबे इंतजार और बार-बार तारीख बदलने का आरोप लगा रहा है, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की जटिल शारीरिक स्थिति के कारण सर्जरी संभव नहीं थी।

मौत के बाद फिर उठे इलाज में देरी के सवाल

मंगलवार को बच्ची की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उसकी मौत ऐसे समय हुई, जब हाल ही में उसकी लंबी सर्जरी प्रतीक्षा को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, AIIMS प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जांच और समाधान की बात कही है।

यह मामला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने, अस्पतालों में लंबी वेटिंग और मरीजों के परिजनों की शिकायतों के समाधान से जुड़े सवाल भी खड़े करता है। हालांकि, सर्जरी में देरी और मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध स्थापित करने के लिए आधिकारिक जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा जरूरी होगी।

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