तुर्कमान गेट अतिक्रमण हटाओ अभियान में हिंसा: पुलिस ने बताया, सोशल मीडिया पर संदेश फैलने के बाद लोग जुटे
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पुलिस का कहना है कि अभियान से पहले कई व्हाट्सऐप ग्रुप में मस्जिद को तोड़ने को लेकर संदेश फैलाए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इलाके में जमा हो गए और हिंसक घटनाएं घटीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान प्रशासन और नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए मौजूद थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल करके फर्जी और भड़काऊ संदेश फैलाए, जिसमें मस्जिद तोड़ने की बात की गई। संदेशों के प्रभाव से स्थानीय लोग और आसपास के इलाके से कई लोग मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हिंसा और तोड़फोड़
पुलिस ने बताया कि संदेश फैलने के तुरंत बाद एकत्रित भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। हिंसा में पुलिसकर्मी और नगर निगम के अधिकारी भी चोटिल हुए। घटनास्थल पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को नियंत्रित किया और सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर कई आरोपियों की पहचान की।
अब तक इस मामले में पुलिस ने कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गुरुवार को गिरफ्तार किए गए अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बलवा, पथराव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले दर्ज किए गए हैं।
सोशल मीडिया के खतरों पर चेतावनी
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग अपराधियों और उपद्रवियों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे संदेश समाज में अफवाह फैलाने और लोगों को उकसाने का काम करते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दें और सीधे प्रशासन या पुलिस से जानकारी लें, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुश्किल हालात में प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त बढ़ाई। साथ ही आसपास के लोगों से शांतिपूर्ण रहने और किसी भी तरह की अफवाह या गलत संदेश पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद अहम होती है। भड़काऊ संदेश फैलाने से बड़े पैमाने पर हिंसा फैल सकती है, और कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

