केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 साल बेमिसाल, 238 करोड़ से अधिक सिलेंडर हुए रिफिल
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) ने अपने 9 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने योजना की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल रसोई में क्रांति लेकर आई, बल्कि नारी सशक्तीकरण का भी मजबूत माध्यम बनी है।
1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 10.33 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना की शुरुआत का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित परिवारों को लकड़ी, कोयला जैसे पारंपरिक और प्रदूषणकारी ईंधनों से छुटकारा दिलाकर स्वच्छ ईंधन देना था। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, "उज्ज्वला योजना के 9 साल, 10.33 करोड़ से ज्यादा परिवार खुशहाल! यह योजना गृहणियों के लिए स्वास्थ्य का वरदान बनी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।"
पुरी ने आगे बताया कि इन 9 वर्षों में 238 करोड़ से अधिक गैस सिलेंडर रिफिल किए जा चुके हैं, जो योजना की सफलता का प्रतीक है। इसके साथ ही 11,670 नए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर जोड़े गए हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी समय पर सिलेंडर डिलीवरी सुनिश्चित हो सकी है। उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं को लकड़ी, गोबर और कोयले के धुएं से राहत दिलाई है, जिससे न केवल स्वास्थ्य में सुधार हुआ है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिला है।
योजना के तहत पात्र परिवारों की वयस्क महिला सदस्य को बिना किसी डिपॉजिट के एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। यह योजना खासकर उन परिवारों के लिए फायदेमंद रही है, जो पहले ईंधन के रूप में जलावन का उपयोग करते थे। केंद्र सरकार का मानना है कि उज्ज्वला योजना से महिलाओं को रसोई की चारदीवारी से बाहर निकलने का मौका मिला है और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की योजना है ताकि हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

