दो फुटओवर ब्रिज बने बाधा, ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य अटका
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य में दो फुटओवर ब्रिज बड़ी बाधा बनकर सामने आए हैं। इन ब्रिजों के कारण मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की गति प्रभावित हो रही है, जिससे परियोजना के निर्धारित समय पर पूरा होने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान रूट पर मौजूद दो फुटओवर ब्रिज तकनीकी और संरचनात्मक अड़चन पैदा कर रहे हैं। इसी को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) से दोनों फुटओवर ब्रिज हटाने का आग्रह किया है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित मेट्रो रूट के निर्माण के लिए पर्याप्त जगह और सुरक्षित कार्य क्षेत्र सुनिश्चित करना जरूरी है। मौजूदा फुटओवर ब्रिज मेट्रो के पिलर और अन्य ढांचागत कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। ऐसे में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए इन संरचनाओं को हटाना या स्थानांतरित करना आवश्यक माना जा रहा है।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद पुराने गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फुटओवर ब्रिज से जुड़ी इस समस्या के कारण निर्माण कार्य की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जीएमडीए अब इस मामले का तकनीकी परीक्षण कर रही है। यदि ब्रिज हटाने का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इस तरह की चुनौतियां आम होती हैं, लेकिन समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो परियोजना की लागत और समयसीमा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल, जीएमआरएल और जीएमडीए के बीच इस मुद्दे पर समन्वय जारी है। आने वाले दिनों में दोनों फुटओवर ब्रिज को लेकर अंतिम फैसला होने की संभावना है, जिसके बाद ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य को नई गति मिल सकती है।

