बारापुला फेज-3 खुलते ही दिल्ली में बढ़ा ट्रैफिक दबाव, मर्जिंग पॉइंट पर बना बड़ा बॉटलनेक
दिल्ली में बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर खुलने के बाद जिस रास्ते से सफर आसान होने की उम्मीद थी, फिलहाल वहीं भारी ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आ गई है। नया कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां के रास्ते दक्षिण दिल्ली और एम्स क्षेत्र से जोड़ता है। खुलने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ा है और कई जगहों पर कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला।
मर्जिंग पॉइंट पर सबसे बड़ी परेशानी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए ड्रोन सर्वे कराया। इसमें सराय काले खां के पास सुंदरियाल पार्क लूप वाले मर्जिंग पॉइंट को प्रमुख बॉटलनेक के तौर पर चिन्हित किया गया। यहां बारापुला फेज-3 से आने वाली तीन लेन और सुंदरियाल लूप से आने वाली तीन लेन का ट्रैफिक एक साथ मौजूदा बारापुला कॉरिडोर में पहुंचता है। आगे सड़क की क्षमता कम होने के कारण वाहनों को अचानक कम लेन में जाना पड़ता है।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, कुछ हिस्सों में छह लेन का ट्रैफिक तीन लेन में सिमट रहा है। वहीं सुंदरियाल पार्क के पास एक लेन करीब 90 डिग्री के तीखे मोड़ पर खत्म होती है। इससे वाहनों के मर्ज होने की प्रक्रिया और मुश्किल हो जाती है और पीक आवर्स में जाम तेजी से बढ़ता है।
एम्स-मयूर विहार रूट पर लंबी कतारें
कॉरिडोर खुलने के बाद मयूर विहार से सराय काले खां की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी दबाव देखा गया। गुरुवार को भी सुबह और शाम के समय वाहन लंबे समय तक रेंगते रहे। कुछ जगहों पर ट्रैफिक कई किलोमीटर तक फैल गया। जाम का असर बारापुला के अलावा रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, मथुरा रोड, डीएनडी और भैरों मार्ग तक भी पहुंचा।
इसका असर आपातकालीन वाहनों पर भी पड़ा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, गुरुवार शाम जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास कम से कम चार एंबुलेंस भी ट्रैफिक में फंस गईं, जबकि वे सराय काले खां की ओर जा रही थीं।
ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग
जाम की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ जगहों पर बैरिकेड लगाए और मयूर विहार की ओर से आने वाले वाहनों के प्रवाह को नियंत्रित किया। जरूरत के मुताबिक कुछ समय के लिए प्रवेश रोककर ट्रैफिक का दबाव कम करने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नए कॉरिडोर पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण पहले एनएच-24 और डीएनडी का इस्तेमाल करने वाले वाहनों का एक हिस्सा अब बारापुला की ओर आ रहा है।
ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के सामने मर्जिंग पॉइंट की सड़क की ज्योमेट्री में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसमें तीखे मोड़ को कम करके वाहनों को धीरे-धीरे मर्ज कराने की व्यवस्था शामिल है। कुछ स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक सिग्नल और दूसरे नियंत्रण उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
नई सड़क से बढ़ा ट्रैफिक, लेकिन कनेक्टिंग पॉइंट बना चुनौती
बारापुला फेज-3 का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करना और डीएनडी, रिंग रोड तथा सराय काले खां पर दबाव कम करना है। लेकिन शुरुआती दिनों में सामने आई समस्या से पता चला है कि नई सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने के साथ उसके पुराने नेटवर्क से जुड़ने वाले पॉइंट भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
फिलहाल ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियां मर्जिंग पॉइंट पर सुधार के विकल्पों पर काम कर रही हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि लेन का प्रवाह अधिक व्यवस्थित किया जाए और वाहनों को अचानक कम क्षमता वाले हिस्से में जाने से रोका जाए, ताकि एम्स-मयूर विहार और सराय काले खां रूट पर जाम का दबाव कम हो सके।

