Samachar Nama
×

दिल्ली में ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए लोक अदालत का इंतजार होगा खत्म, SDM को मिल सकती हैं बड़ी शक्तियां

दिल्ली में ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए लोक अदालत का इंतजार होगा खत्म, SDM को मिल सकती हैं बड़ी शक्तियां

दिल्ली में ट्रैफिक चालान से जुड़ी लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब लोगों को अपने ट्रैफिक चालान का समाधान कराने के लिए लोक अदालत की तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए सरकार उपखंड मजिस्ट्रेट यानी एसडीएम की शक्तियां बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

मौजूदा व्यवस्था में बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान लंबित रहते हैं। कई मामलों में लोगों को चालान के निपटारे के लिए लोक अदालत का रुख करना पड़ता है। लोक अदालतों में एक साथ बड़ी संख्या में मामले पहुंचने के कारण लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल समय लगता है, बल्कि संबंधित विभागों पर भी काम का दबाव बढ़ता है।

सरकार का मानना है कि अगर एसडीएम को चालान से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए अधिक अधिकार दिए जाते हैं, तो लंबित मामलों को स्थानीय स्तर पर तेजी से सुलझाया जा सकेगा। इससे लोगों को बार-बार अदालत या लोक अदालत जाने की जरूरत कम हो सकती है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एसडीएम स्तर पर चालान से जुड़े कुछ मामलों की सुनवाई और निपटारे की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए किन-किन मामलों को एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में लाया जाएगा और उन्हें कितनी शक्तियां दी जाएंगी, इसका अंतिम फैसला सरकार की ओर से लिया जाना बाकी है।

दिल्ली में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की संख्या भी काफी अधिक है। ऑनलाइन माध्यम से चालान जारी होने के बाद कई लोगों के चालान लंबित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

नई व्यवस्था लागू होने पर आम वाहन चालकों को सबसे बड़ा फायदा समय की बचत के रूप में मिल सकता है। चालान से जुड़े छोटे और निर्धारित श्रेणी के मामलों का निपटारा स्थानीय प्रशासन के स्तर पर होने से लोक अदालतों पर भी मामलों का बोझ कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, एसडीएम की शक्तियों में बदलाव लागू होने से पहले प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सरकार की मंजूरी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई व्यवस्था को लागू किया जा सकेगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली में ट्रैफिक चालान निपटाने की मौजूदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।

Share this story

Tags