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मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर मिली गर्भवती महिला की लाश — दो मासूम बच्चियों के पास शव देखकर स्टेशन पर सनसनी

मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर मिली गर्भवती महिला की लाश — दो मासूम बच्चियों के पास शव देखकर स्टेशन पर सनसनी

बिहार के मधेपुरा जिले के रेलवे स्टेशन पर एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार की सुबह प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर एक गर्भवती महिला का शव बैठी हुई मिली, जबकि उसकी दो छोटी बच्चियाँ रोते‑बिलखते उसके पास बैठीं थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।

दुखद दृश्य: बच्चे अपने मृत मां को जगा रहे थे

मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह रेलवे पुलिस (GRP) को सूचना मिली कि दो छोटे बच्चे अपनी मां के पास बैठकर उसे जगाने की कोशिश कर रहे हैं। जब सुरक्षा अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, तो देखा कि महिला की लाश एक बेंच पर padi थी और उसके दोनों बच्चियाँ उसके पास बैठकर रो रही थीं। बच्चियों ने बताया कि उनका पिता उन्हें स्टेशन पर छोड़कर चला गया, और वे सुबह से अपने पिता के वापस आने का इंतज़ार कर रही थीं।

पुलिस ने मृतक महिला की पहचान 25 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में की है, जो मुरलीगंज थाना क्षेत्र के जीतापुर गांव की रहने वाली थी। बच्चों ने अपने पिता का नाम मोहम्मद मुर्शीद बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार शव के पास दोनों बच्चियाँ होती हुई पाई गईं, इसे देखकर आसपास के यात्रियों और कर्मचारियों में आश्चर्य और दुख दोनों की भावना पैदा हो गई।

बच्चों का बयान: पिता ने मां को मारा और स्टेशन पर छोड़ा

जब बच्चों से पूछताछ की गई, तो एक बच्चे ने पुलिस को बताया कि उनके पिता ने पहले उनकी मां को घर पर गला घोंटकर मार दिया, उसके बाद उसे एक ऑटो‑रिक्शा में लादकर स्टेशन पर छोड़ दिया और फिर वहां से भाग गए। बच्चे के बयान के मुताबिक् पिता उन्हें भी वहीं छोड़कर चला गया। इस बात से मामले में हत्या का शक और भी गहरा गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका के गले पर काले निशान मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि मौत गला घोंटने या फंदा लगाने जैसी वजह से हुई हो सकती है। हालांकि जांच अधिकारियों ने कहा कि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही मौत का सही कारण स्पष्ट कर पाएगी।

पति से विवाद की जानकारी भी मिली

स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने बताया कि महिला के और उसके पति के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था, और दोनों कुछ दिनों से अलग‑अलग रह रहे थे। कुछ लोगों का कहना है कि मामला घरेलू कलह का निदान भी हो सकता है, जबकि पुलिस दोनों पहलुओं — हत्या और आत्महत्या — को गंभीरता से जांच रही है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले को आगे की जांच के लिए GRP टीम व आरपीएफ के साथ मिलकर सबूत जुटाने में जुटी हुई है। बच्चियों को Children Welfare Committee (CWC) को सौंप दिया गया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

स्थानीय भावनाएँ और प्रशासन की भूमिका

इस दर्दनाक हादसे ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आसपास के लोगों को दहलाया है। यह दृश्य विशेष रूप से इसलिए भी संवेदनशील रहा क्योंकि बच्चे अपनी माता को “जागते हुए” समझ रहे थे। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी तथ्य सामने आने तक मामले की निष्पक्ष जांच जारी रहेगी।

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