Samachar Nama
×

सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाया महिला का मुआवजा, 2.94 करोड़ से बढ़ाकर 3.77 करोड़ रुपये किया

सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाया महिला का मुआवजा, 2.94 करोड़ से बढ़ाकर 3.77 करोड़ रुपये किया

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई एक महिला को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 3.77 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को महिला को 2.94 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद महिला को करीब 83 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा।

यह मामला साल 2011 में हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। हादसे में महिला को गंभीर चोटें आई थीं और वह पूरी तरह दृष्टिहीन हो गई थीं। इसके अलावा उनके कूल्हे के पास भी गंभीर चोट आई थी। दुर्घटना के बाद महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल गई और उन्हें लंबे समय तक इलाज और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ा।

2011 में सड़क हादसे में हुई थीं गंभीर चोटें

महिला गुरुग्राम में काम करती थीं। साल 2011 में हुई सड़क दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे का सबसे गंभीर असर उनकी आंखों पर पड़ा, जिसके बाद उनकी दृष्टि पूरी तरह चली गई। इसके साथ ही कूल्हे के आसपास भी गंभीर चोटें आईं।दुर्घटना के बाद महिला के इलाज पर काफी खर्च हुआ। दृष्टि चले जाने के कारण उनकी सामान्य जिंदगी और काम करने की क्षमता पर भी गंभीर असर पड़ा। इसी आधार पर मुआवजे की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट ने तय किया था 2.94 करोड़ रुपये मुआवजा

मामले में हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को महिला को 2.94 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। हालांकि, महिला की ओर से मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की गई। मामला इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।सुप्रीम कोर्ट ने मामले में महिला की चोटों, स्थायी विकलांगता और दुर्घटना के कारण उनके जीवन पर पड़े व्यापक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की।

सुप्रीम कोर्ट ने 83 लाख रुपये बढ़ाया मुआवजा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महिला को अब कुल 3.77 करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा। यानी हाई कोर्ट की ओर से निर्धारित राशि की तुलना में करीब 83 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है।मुआवजा तय करते समय दुर्घटना से हुई शारीरिक क्षति के साथ-साथ स्थायी दृष्टिहीनता और उसके कारण महिला के जीवन पर पड़े असर जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया गया।

दुर्घटना के बाद बदल गई जिंदगी

सड़क हादसे में पूरी तरह दृष्टिहीन होने के बाद महिला के लिए रोजमर्रा के काम और पेशेवर जीवन में भी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गईं। गंभीर चोटों के कारण उन्हें इलाज और पुनर्वास की जरूरत पड़ी।सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों में मुआवजा तय करने के दौरान पीड़ित की वास्तविक परिस्थितियों और भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखने के महत्व को भी रेखांकित करता है।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिला को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़कर 3.77 करोड़ रुपये हो गई है। हाई कोर्ट के आदेश के मुकाबले यह राशि काफी अधिक है और इससे पीड़िता को दुर्घटना के बाद जीवन में आई कठिनाइयों से निपटने में आर्थिक मदद मिल सकेगी।

Share this story

Tags