इतिहास रचते हुए सेंट स्टीफंस कॉलेज में पहली महिला प्रिंसिपल की नियुक्ति, 145 साल पुरानी परंपरा टूटी
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित St. Stephen’s College ने अपने 145 साल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव दर्ज किया है। पहली बार कॉलेज में किसी महिला को प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है, जिसे शिक्षा जगत में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस निर्णय के साथ ही कॉलेज की लंबे समय से चली आ रही परंपरा में बदलाव हुआ है, और इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक और सामाजिक संदेश भी है, जो यह दर्शाता है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
कॉलेज प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नई प्रिंसिपल ने पदभार संभालते ही शैक्षणिक गुणवत्ता, रिसर्च गतिविधियों और छात्र कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही है। साथ ही संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक सुधारों को लागू करने पर भी जोर दिया गया है।
छात्रों और पूर्व छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई छात्रों का कहना है कि यह कदम कॉलेज को और अधिक समावेशी और प्रगतिशील बनाएगा।
शिक्षाविदों का यह भी मानना है कि इस तरह की नियुक्तियां देश के अन्य शीर्ष संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं, जहां नेतृत्व में विविधता अभी भी सीमित है।

