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भारत में भीषण गर्मी का कहर: बांदा में 48°C, पहाड़ी शहर भी प्रभावित

भारत में भीषण गर्मी का कहर: बांदा में 48°C, पहाड़ी शहर भी प्रभावित

भारत इस समय भयंकर गर्मी की चपेट में है, जिससे कई राज्यों में तापमान नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बुधवार को तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी शहर श्रीनगर, शिमला और मसूरी में भी असामान्य गर्मी दर्ज की गई।

भीषण गर्मी का प्रभाव
बांदा में लगातार दूसरे दिन तापमान 45 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया। स्थानीय लोग और किसानों ने बताया कि दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूल, बाजार और सार्वजनिक स्थानों में लोग धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए घरों में रह रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के शिमला और मसूरी जैसे पर्यटन स्थल भी गर्मी की चपेट में हैं। शिमला में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है। वहीं, मसूरी और श्रीनगर में भी दिन के समय 35 डिग्री के आसपास तापमान रहा।

विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की भीषण गर्मी के पीछे अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कारक मुख्य हैं। विशेषज्ञों ने तीन प्रमुख कारणों की ओर इशारा किया:

  1. अल नीनो प्रभाव – प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के असामान्य तापमान ने भारत में मानसून और गर्मी के पैटर्न को प्रभावित किया है।
  2. कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस – पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर सक्रियता के कारण पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मानसून की हल्की बारिश नहीं हुई, जिससे गर्मी और अधिक महसूस हुई।
  3. घटती हरियाली और वनस्पति – जंगलों और हरित क्षेत्रों में कमी ने स्थानीय तापमान बढ़ा दिया, क्योंकि प्राकृतिक कूलिंग की क्षमता कम हो गई है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह रुझान जारी रहा, तो गर्मी और लू के चलते स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोग जोखिम में हैं।

सरकारी चेतावनी और तैयारी
केंद्रीय और राज्य सरकारों ने भी गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

राज्य प्रशासन ने पब्लिक प्लेसों और सड़कों पर शीतल पेय और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कुछ जिलों में सरकारी स्कूलों में छुट्टी और ऑफिस समय में बदलाव भी किया गया है।

पर्यटकों और ग्रामीणों पर असर
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर गर्मी के चलते पर्यटक सुबह और शाम को ही बाहर घूमने निकल रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेतों और पशुओं की देखभाल में कठिनाई हो रही है।

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