दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने मंगलवार सुबह जनजीवन प्रभावित कर दिया। राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 343 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर बने रहने की संभावना अगले कुछ दिनों तक है। कोहरे और ठंड के कारण उड़ानों और ट्रेन सेवाओं में देरी देखी गई, जिससे यात्री परेशान हुए। कई उड़ानें दिल्ली हवाई अड्डे पर तय समय से विलंबित रहीं, जबकि कुछ ट्रेनें स्टेशन पर विलंब से पहुंचीं और रवाना हुईं।
दिल्ली के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी मौसम का असर स्पष्ट देखा गया। रेवाड़ी जिले में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह-सुबह दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। कई स्थानों पर सड़क पर शून्य विजिबिलिटी के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि वायु गुणवत्ता का इतना खराब होना मुख्य रूप से प्रदूषण और मौसम की परिस्थितियों का परिणाम है। घने कोहरे और ठंड के कारण हवा में धूल और प्रदूषक कण लंबे समय तक रहने लगते हैं, जिससे सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को घर में रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
कोहरे और ठंड का असर आम जीवन पर भी देखा गया। सड़क पर यातायात धीमा हो गया, स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को यात्रा करने में कठिनाई हुई, और कई लोग अपने कार्यस्थल पहुंचने में देर से पहुंचे। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों की संख्या कम देखी गई, क्योंकि अधिकतर लोग ठंड से बचने के लिए घरों में रहे।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है और घना कोहरा बना रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और देर रात के समय सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरे के दौरान सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वाहनों की हेडलाइट चालू रखें, धीमी गति से वाहन चलाएं और अधिक समय तक बाहर रहकर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव न डालें।
इस बीच प्रशासन ने भी तैयारियां बढ़ा दी हैं। दिल्ली सरकार और संबंधित विभाग सड़क पर अतिरिक्त गश्त और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी शीतलहर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

