IFFD के समापन पर भारत मंडपम में विशेष फिल्मों की स्क्रीनिंग, दर्शकों की उमड़ी भीड़
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (IFFD) के समापन दिवस पर भारत मंडपम में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर फिल्म “शतक: संघ के सौ वर्ष” और “लोकमाता देवी अहिल्याबाई” का प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहना और उत्साह के साथ देखा।
समापन समारोह के दौरान भारत मंडपम में बड़ी संख्या में दिल्लीवासी, फिल्म प्रेमी और सिनेमा जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे। दोनों फिल्मों की विषयवस्तु, प्रस्तुति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान माहौल सांस्कृतिक और देशभक्ति भावनाओं से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा तथा पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों फिल्मों के निर्माता-निर्देशकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने राष्ट्र नायकों और उनके योगदान से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं।
मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे फिल्म महोत्सव आयोजित किए जाएंगे, जो भारतीय इतिहास, संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने भी दोनों फिल्मों की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन फिल्म उद्योग और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देते हैं। कई दर्शकों ने कहा कि ऐतिहासिक विषयों पर बनी फिल्मों से उन्हें अपने देश के गौरवशाली अतीत को समझने का अवसर मिलता है।
IFFD के समापन के साथ ही यह आयोजन दिल्ली में फिल्म और कला संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन में शामिल लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे फिल्म फेस्टिवल्स का दायरा और अधिक व्यापक होगा।
कुल मिलाकर, भारत मंडपम में आयोजित यह विशेष स्क्रीनिंग न केवल फिल्म प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही, बल्कि इसने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक फिल्मों के महत्व को भी एक बार फिर उजागर किया।

