नई दिल्ली में ‘विज्ञान उत्सव 2026’ — राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर इंटरैक्टिव साइंस फेस्टिवल
नई दिल्ली में 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर “विज्ञान उत्सव 2026” (Vigyan Utsav 2026) का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों, युवाओं और आम जनता को विज्ञान के प्रति रुचि और वैज्ञानिक सोच बढ़ाना है, जिससे वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकलकर **व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
📍 स्थान व कार्यक्रम:
उत्सव नेहरू तारामंडल (डोम) और प्रधानमंत्री संग्रहालय के परिसर में आयोजित किया जाएगा, जहाँ विज़िटर्स को विज्ञान-प्रदर्शनी और इंटरेक्टिव गतिविधियों का अनुभव मिलेगा। कार्यक्रम पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है ताकि सभी बच्चे — विशेषकर छात्र और परिवार — बड़े उत्साह के साथ भाग ले सकें।
🔬 क्या होगा इसमें खास?
• इस विज्ञान उत्सव का लक्ष्य विज्ञान को आसान और मज़ेदार तरीके से समझाना है — जहाँ बच्चे हाथों-हाथ प्रयोग, प्रदर्शन और इंटरैक्टिव स्टेशन के जरिए सीख सकते हैं।
• कार्यक्रम में साइंस मॉडल्स, रोबोटिक्स-सहिता प्रदर्शन और विज्ञान से जुड़े शैक्षिक अनुभव शामिल होंगे।
• आयोजन मुख्य रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम पर आधारित रहेगा, जिसका हिस्सा सर सी.वी. रमन की खोज को याद कर वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है। (राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन हर साल 28 फरवरी को किया जाता है, जिसमें रमन प्रभाव की खोज का जश्न मनाया जाता है.)
🧠 क्यों है यह आयोजन महत्वपूर्ण?
📌 राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह वैज्ञानिक चेतना, अनुसंधान-आधारित सोच və प्रयोग-आधारित शिक्षा को जनता तक पहुंचाना है। ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को:
✔️ विज्ञान-प्रौद्योगिकी के प्रति आकर्षित करने
✔️ अन्वेषण और जिज्ञासा को बढ़ावा देने
✔️ क्रियात्मक प्रयोगों से सीखने के अवसर देने
✔️ भविष्य के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को पहचानने और प्रेरित करने
में मदद करते हैं।
📅 रोज़ाना अनुभव और भागीदारी
इस विज्ञान उत्सव में बच्चें तथा परिवार:
• इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और चर्चाएँ में भाग ले सकते हैं
• प्रयोगशालाओं और विज्ञान मॉडलों को करीब से देख व समझ सकते हैं
• स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स और रोबोटिक्स डिस्प्ले का आनंद उठा सकते हैं
जिससे यह आयोजन शिक्षा और मनोरंजक अनुभव दोनों को जोड़ता है।
📌 विज्ञान उत्सव 2026 न केवल विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि नई पीढ़ी को विज्ञान-अन्वेषण, नवाचार और तर्क-शक्ति की दिशा में भी प्रेरित करेगा। यह कार्यक्रम खासकर छात्रों के लिये ज्ञान-प्रेरणादायक अनुभव साबित होगा।

