SBI ग्राहक को खाते से रकम निकलने का SMS नहीं भेजना पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग ने ब्याज समेत पैसे लौटाने के दिए आदेश
बैंक खाते से रकम निकलने के बाद ग्राहक के मोबाइल पर ट्रांजैक्शन का मैसेज नहीं भेजना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को महंगा पड़ गया। मामले में उपभोक्ता आयोग ने बैंक की ओर से इसे सेवा में चूक माना है। आयोग ने बैंक को ग्राहक के खाते से निकाली गई रकम ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं। इस फैसले के बाद बैंकिंग सेवाओं में ट्रांजैक्शन अलर्ट और ग्राहक को समय पर सूचना देने की जिम्मेदारी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
मामला एक महिला ग्राहक से जुड़ा है। महिला का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में था। उसके खाते से रकम निकल गई, लेकिन बैंक की ओर से इस लेनदेन की जानकारी देने वाला कोई मैसेज उसके मोबाइल फोन पर नहीं भेजा गया। महिला को इस ट्रांजैक्शन की जानकारी उस समय हुई, जब वह अपने खाते से रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंची।महिला ने जब रकम निकालने की कोशिश की तो उसे पता चला कि उसके खाते में पर्याप्त राशि मौजूद नहीं है। इसके बाद उसने खाते की जानकारी ली तो सामने आया कि खाते से पहले ही रकम निकाली जा चुकी थी। महिला के मुताबिक, अगर बैंक की ओर से समय पर उसके मोबाइल पर रकम निकलने का मैसेज भेज दिया जाता तो उसे इस ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सकती थी और वह समय रहते बैंक को इसकी सूचना देकर कार्रवाई करा सकती थी।
इसके बाद महिला ने मामले को लेकर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। शिकायत में बैंक की सेवा में कमी का आरोप लगाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने ग्राहक को खाते से रकम निकलने की सूचना नहीं दिए जाने के पहलू को गंभीरता से लिया।उपभोक्ता आयोग ने मामले में बैंक की सेवा में चूक मानी और ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने बैंक को खाते से निकाली गई रकम ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य आदेश भी आयोग के निर्णय के अनुसार लागू होंगे।
यह मामला बैंक ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। आज के डिजिटल बैंकिंग दौर में खाते से होने वाले लेनदेन की जानकारी SMS, मोबाइल ऐप या अन्य माध्यमों से तुरंत मिलना काफी अहम माना जाता है। किसी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी समय पर मिलने से ग्राहक बैंक को तुरंत इसकी सूचना दे सकता है और आगे होने वाले नुकसान को रोकने की कोशिश कर सकता है।उपभोक्ता आयोग के इस फैसले से यह संदेश भी जाता है कि बैंकिंग सेवाओं में ग्राहकों को जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराना सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खाते से रकम निकलने के बाद ग्राहक को इसकी जानकारी नहीं मिलने के मामले में बैंक को जवाबदेह ठहराया गया है।

