शिकोहपुर जमीन सौदा केस में रॉबर्ट वाड्रा को राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी प्री-अरेस्ट जमानत
राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को शिकोहपुर जमीन सौदा मामले में रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत देते हुए प्री-अरेस्ट जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने यह फैसला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट ने वाड्रा को पहले समन जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने अदालत में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शर्त के जमानत देने का आदेश दिया, जिससे उन्हें तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक प्रभाव में की जा रही है और प्रवर्तन निदेशालय निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं।
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए वकील जोहेब हुसैन ने अदालत से जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने कहा कि एजेंसी अभी भी मामले के कई पहलुओं की जांच कर रही है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए समय आवश्यक है।
ED ने अदालत को बताया कि यह मामला जटिल वित्तीय और जमीन सौदों से जुड़ा है, जिसमें कई लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। इसी कारण आगे की जांच प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई की तारीख 10 जुलाई तय की है। तब तक जांच एजेंसी अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि फिलहाल अदालत का यह फैसला वाड्रा के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि जांच प्रक्रिया अभी जारी है।

