संसद की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस योजना को देश के बड़े परिवर्तन और आधुनिकीकरण की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग तस्वीर दिखाती है।
राहुल गांधी ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को जिस तरह से प्रचारित किया गया, वह वास्तविकता से काफी अलग है। उन्होंने दावा किया कि कई शहरों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है और परियोजनाओं का पूरा लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाया है।
उन्होंने संसद में अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि देश को एक “आधी-अधूरी योजना” को पूर्ण बदलाव की कहानी बनाकर दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में कई जगहों पर अधूरे काम और धीमी प्रगति देखने को मिलती है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल किया कि जब योजनाओं पर बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है, तो फिर जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरी विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस परिणामों से मापा जाना चाहिए।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर सरकार ने अपने रुख में कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य शहरी ढांचे को आधुनिक बनाना और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देना है, और कई शहरों में इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
संसद में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिससे शहरी विकास और योजना के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
कुल मिलाकर, स्मार्ट सिटी योजना को लेकर राहुल गांधी की आलोचना ने एक बार फिर इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

