Samachar Nama
×

दिल्ली में अब घर बैठे होगी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री! सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई व्यवस्था

दिल्ली में अब घर बैठे होगी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री! सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई व्यवस्था

दिल्ली में संपत्ति की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। दिल्ली की भाजपा सरकार जल्द ही ऐसी नई व्यवस्था लागू करने की योजना बना रही है, जिसके तहत लोग घर बैठे ही अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके लिए खरीदार और विक्रेता को हर बार सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली सरकार की कैबिनेट के पास भेज दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने के लिए मौजूदा नियमों और कानून में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।

मोबाइल या लैपटॉप से शुरू होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। लोग मोबाइल या लैपटॉप के जरिए घर से ही आवेदन और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्री की प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था पहले से मौजूद है। दिल्ली का NGDRS पोर्टल नागरिकों को रजिस्ट्रेशन से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराता है। अब सरकार इस डिजिटल व्यवस्था को आगे बढ़ाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और अधिक घर बैठे पूरा कराने की दिशा में काम कर रही है।

अभी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में लगता है समय

मौजूदा व्यवस्था में संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए खरीदार और विक्रेता को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्यालय में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक से दो घंटे तक का समय लग सकता है। इसके अलावा कार्यालय तक आने-जाने में भी लोगों का समय और पैसा खर्च होता है।

कई बार दस्तावेजों में कमी या किसी आपत्ति के कारण लोगों को दोबारा कार्यालय जाना पड़ता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी तरह की परेशानियों को कम करना है।

रजिस्ट्री में दलालों की भूमिका कम करने पर जोर

दिल्ली सरकार पहले से ही सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक और तकनीक आधारित नागरिक सेवा केंद्रों में बदलने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित मॉडल में डिजिटल सहायता काउंटर, स्मार्ट टोकन सिस्टम, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और रियल टाइम आवेदन ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे देरी, अनावश्यक प्रक्रियाओं और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

फिलहाल घर बैठे पूरी संपत्ति रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू नहीं हुई है। राजस्व विभाग का प्रस्ताव कैबिनेट के विचाराधीन है। मंजूरी मिलने के बाद कानूनी और तकनीकी स्तर पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद यह साफ होगा कि नई व्यवस्था में पहचान सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बायोमेट्रिक प्रक्रिया और अंतिम पंजीकरण किस तरीके से किया जाएगा।

सरकार की कोशिश है कि संपत्ति रजिस्ट्रेशन जैसी महत्वपूर्ण सेवा को ज्यादा डिजिटल बनाया जाए, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ें और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े। दिल्ली में पहले से उपलब्ध ऑनलाइन संपत्ति सेवाओं और डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था को इसी दिशा में आगे बढ़ाने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

Share this story

Tags