एम्स दिल्ली में 15 साल की तन्वी की मौत के बाद जांच कमेटी गठित, सर्जरी में देरी के आरोपों की होगी जांच
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में जन्मजात दिल की बीमारी से पीड़ित 15 वर्षीय बच्ची तन्वी की मौत के बाद संस्थान ने जांच कमेटी गठित कर दी है। बच्ची की मौत के बाद परिवार की ओर से सर्जरी में कथित देरी को लेकर सवाल उठाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रशासन ने अब पूरे प्रकरण की जांच कराने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि तन्वी जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी और उसका इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा था। उसकी हालत और उपचार को लेकर परिवार लगातार चिकित्सकों के संपर्क में था। बच्ची की मौत के बाद सर्जरी में देरी के आरोप सामने आए, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए कमेटी गठित की है।
सर्जरी में देरी के आरोपों की होगी पड़ताल
जांच कमेटी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि तन्वी के इलाज के दौरान क्या-क्या चिकित्सकीय कदम उठाए गए थे और सर्जरी को लेकर किस तरह का निर्णय लिया गया था। कमेटी उपचार से जुड़े रिकॉर्ड, डॉक्टरों की राय और बच्ची की मेडिकल स्थिति की जानकारी की समीक्षा कर सकती है।
इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि सर्जरी में कथित देरी हुई थी या नहीं और यदि देरी हुई तो उसके पीछे चिकित्सकीय या प्रशासनिक कारण क्या थे। जांच के दौरान उपचार की पूरी प्रक्रिया और अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं को भी देखा जा सकता है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। संस्थान की ओर से कहा गया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह तय होगा कि इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।
मामले की जांच पूरी होने तक सर्जरी में देरी के आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार के आरोपों के बाद बढ़ा मामला
तन्वी की मौत के बाद परिवार की ओर से इलाज और सर्जरी की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर सर्जरी हो जाती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज में समय पर चिकित्सकीय निर्णय और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में मामले की जांच को लेकर परिवार के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी नजर बनी हुई है।
एम्स देश का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और यहां देशभर से गंभीर बीमारियों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस मामले में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें रिपोर्ट पर हैं, जिसके आधार पर यह स्पष्ट होगा कि तन्वी के इलाज में किसी तरह की देरी या लापरवाही हुई थी या नहीं और यदि हुई तो इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

