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दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियम बदलने की तैयारी, किसी भी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में करा सकेंगे काम; नए सर्किल रेट भी आएंगे

दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियम बदलने की तैयारी, किसी भी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में करा सकेंगे काम; नए सर्किल रेट भी आएंगे

दिल्ली सरकार राजधानी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत लोगों को अपनी संपत्ति से जुड़े रजिस्ट्रेशन के लिए किसी एक निर्धारित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे दिल्ली के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में अपना काम करा सकेंगे। इस संबंध में प्रस्ताव जल्द ही दिल्ली कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।

दिल्ली में हाल ही में रजिस्ट्रेशन जिलों और सब-डिविजन का पुनर्गठन भी किया गया है। सितंबर 2026 की अधिसूचना के तहत राजधानी में 13 रजिस्ट्रेशन जिले और 39 रजिस्ट्रेशन सब-डिविजन स्थापित किए गए हैं।

प्रस्तावित नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना बताया जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था में लोगों को संबंधित क्षेत्र के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने पर कार्यालय चुनने की सुविधा बढ़ सकती है, जिससे लोगों को अपने क्षेत्र के हिसाब से सुविधाजनक कार्यालय में काम कराने का विकल्प मिलेगा।

इसके साथ ही दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर भी सरकार की ओर से महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। इन कॉलोनियों में जल्द नए सर्किल रेट लागू किए जाने की तैयारी है। सर्किल रेट वह सरकारी दर होती है, जिसके आधार पर संपत्ति के मूल्यांकन और उससे जुड़े स्टांप ड्यूटी तथा अन्य शुल्क की गणना की जाती है।

अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर केंद्र और दिल्ली में पहले से ही नियमितीकरण और संपत्ति अधिकारों से जुड़े कदम उठाए गए हैं। अप्रैल 2026 में अनधिकृत कॉलोनियों से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया था। इसके बाद 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए अधिसूचित किया गया।

दिल्ली सरकार के प्रस्तावित बदलावों और नए सर्किल रेट का असर संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्रेशन से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, नए नियमों के अंतिम प्रावधान और सर्किल रेट की दरें कैबिनेट की मंजूरी और संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

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