Noida News: 15 साल बाद फ्लैट मालिक बन सकेंगे सहकारी समिति के लोग, प्राधिकरण ने रजिस्ट्री को दी मंजूरी
नोएडा में सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैटों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब 15 साल से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे लोगों को अब मालिकाना हक मिल सकेगा। नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सहकारी आवासीय समिति के फ्लैटों की रजिस्ट्री कब्जेदार के नाम किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इस फैसले के बाद ऐसे फ्लैटों में रह रहे लोग अब कानूनी तौर पर अपने मकान के मालिक बन सकेंगे। लंबे समय से रजिस्ट्री नहीं होने के कारण लोगों को अपने फ्लैट के मालिकाना हक को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्राधिकरण के इस निर्णय से दो हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
15 साल से अटका था मामला
सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैटों में रहने वाले लोग लंबे समय से रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। करीब डेढ़ दशक से मामला लंबित होने के कारण फ्लैट खरीदारों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
रजिस्ट्री नहीं होने के कारण फ्लैट पर कब्जा होने के बावजूद लोगों के नाम पर मालिकाना दस्तावेज दर्ज नहीं हो पा रहे थे। अब प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले से इस समस्या के समाधान का रास्ता साफ हो गया है।
कब्जेदार के नाम हो सकेगी रजिस्ट्री
बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सहकारी आवासीय समिति के फ्लैटों की रजिस्ट्री वर्तमान कब्जेदार के नाम किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो वर्षों से इन फ्लैटों में रह रहे हैं लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से संपत्ति के मालिक नहीं बन सके हैं।
हालांकि, रजिस्ट्री के लिए निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्राधिकरण की ओर से आगे की प्रक्रिया और जरूरी औपचारिकताओं के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
दो हजार से ज्यादा लोगों को फायदा
नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले से दो हजार से अधिक फ्लैट मालिकों या कब्जेदारों को लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से लंबित इस मुद्दे के समाधान से न केवल लोगों को संपत्ति का कानूनी अधिकार मिलेगा, बल्कि भविष्य में फ्लैट से जुड़े लेनदेन और अन्य संपत्ति संबंधी प्रक्रियाएं भी आसान हो सकेंगी।
लोगों के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संपत्ति की रजिस्ट्री मालिकाना हक का सबसे अहम दस्तावेज मानी जाती है। अब वर्षों से लंबित रजिस्ट्री का रास्ता खुलने के बाद सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिलने के साथ ही अब इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा। इससे करीब 15 साल से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदें पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है।

