निठारी कांड: सुरेंद्र कोली की मौत से फिर छलका पीड़ित परिवारों का दर्द, 19 मासूमों की मौत का रहस्य अब भी बरकरार
नोएडा के निठारी गांव में करीब दो दशक पुराने निठारी कांड की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। मामले से जुड़े सुरेंद्र कोली की आत्महत्या की खबर सामने आने के बाद उन परिवारों का दर्द फिर छलक उठा, जिन्होंने इस कांड में अपने बच्चों को खो दिया था। कोली की मौत के साथ ही मामले से जुड़े कई सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
निठारी कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। निठारी गांव में कई बच्चों के लापता होने के बाद जांच आगे बढ़ी और मानव अवशेष मिलने से मामला बेहद गंभीर हो गया। इस मामले में सुरेंद्र कोली और कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के नाम सामने आए थे। जांच और अदालती कार्यवाही के दौरान दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे चले।
### बच्चों के लापता होने से खुला था मामला
निठारी कांड में कई परिवारों ने अपने बच्चों के अचानक गायब होने की शिकायत की थी। बाद में निठारी स्थित एक मकान के आसपास से मानव अवशेष मिलने के बाद पुलिस जांच ने नया मोड़ लिया। इसके बाद यह मामला देशभर में सुर्खियों में आ गया।
मामले की जांच के दौरान सुरेंद्र कोली पर कई हत्याओं में शामिल होने के आरोप लगाए गए। हालांकि, अलग-अलग मामलों में अदालतों में हुई सुनवाई के दौरान कई आरोपों और साक्ष्यों पर भी सवाल उठे। बाद में अदालतों से कोली और पंढेर को अलग-अलग मामलों में राहत भी मिली।
### 20 साल बाद भी कई सवाल चर्चा में
निठारी कांड को करीब 20 साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं। बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि जीवनभर का दर्द बन गया।

