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उत्तम नगर तरुण हत्याकांड में नया मोड़: इंटरव्यू के QR कोड से जुटाए गए 37 लाख रुपये, पुलिस ने खाता किया फ्रीज

उत्तम नगर तरुण हत्याकांड में नया मोड़: इंटरव्यू के QR कोड से जुटाए गए 37 लाख रुपये, पुलिस ने खाता किया फ्रीज

दिल्ली के उत्तम नगर में हुए चर्चित तरुण हत्याकांड में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले में आरोपियों के एक रिश्तेदार महिला के इंटरव्यू से जुड़े QR कोड के जरिए करीब 37 लाख रुपये जुटाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, तरुण हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस मामले को लेकर कई तरह के वीडियो और इंटरव्यू सामने आए थे। इसी दौरान एक महिला का इंटरव्यू भी सामने आया, जो आरोपियों के रिश्तेदार बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इंटरव्यू के साथ एक QR कोड भी साझा किया गया था, जिसके जरिए लोगों से आर्थिक मदद मांगी गई।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी QR कोड के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने पैसे ट्रांसफर किए, जिससे कुल मिलाकर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए। जब पुलिस को इस लेनदेन की जानकारी मिली तो तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि जिस महिला का इंटरव्यू सामने आया था, उसे इस पूरे आर्थिक लेनदेन और पैसे जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। यानी संभव है कि किसी अन्य व्यक्ति ने इंटरव्यू का इस्तेमाल करते हुए लोगों से पैसे जुटाने की कोशिश की हो।

इस खुलासे के बाद पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने इंटरव्यू रिकॉर्ड किया था और QR कोड के जरिए लोगों से पैसे इकट्ठा किए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह पैसा किस उद्देश्य से जुटाया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

पुलिस ने तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है। इसमें बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पैसे जमा करने वालों को किस तरह की जानकारी दी गई थी और क्या उन्हें किसी तरह से गुमराह किया गया।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि लोगों से झूठी जानकारी देकर पैसे जुटाए गए हैं, तो यह ठगी का मामला बन सकता है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने सोशल मीडिया के माध्यम से धन जुटाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में ऑनलाइन माध्यम से धन संग्रह करने से पहले उसकी सत्यता और आधिकारिकता की जांच करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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