दिल्ली में जनवरी का नया रिकॉर्ड: सबसे गर्म दिन के बाद 2026 की पहली बारिश ने तोड़ा 2 साल का रिकॉर्ड
राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मौसम ने एक नया कीर्तिमान रचा। जनवरी माह का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जो पिछले 7 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। लेकिन इस गर्मी के बाद शुक्रवार को मौसम ने अचानक रुख बदल दिया, और 2026 की साल की पहली बारिश ने दस्तक दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश इतनी तेज और लगातार रही कि राजधानी की सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। इस वर्ष की पहली बरसात ने पिछले 2 वर्षों का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया है। कई घंटों तक गिरती हुई बूंदों ने शहरवासियों को आश्चर्य और राहत दोनों का अहसास कराया।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जनवरी में इतनी तेज़ बारिश असामान्य है, लेकिन यह पश्चिमी विक्षोभ और आर्द्र हवा के प्रभाव के कारण हुई। गुरुवार की गर्मी के बाद अचानक यह बारिश तापमान को सामान्य करने और वातावरण को तरोताजा करने का काम कर रही है।
बारिश के दौरान शहर में कई जगहों पर जलजमाव और जाम की स्थिति बन गई। सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे थे, और कई इलाकों में पैदल चलने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। राजधानी के कुछ हिस्सों में लोगों ने इस बारिश को प्राकृतिक राहत और सर्दियों की ताजगी के रूप में स्वागत किया।
दिल्ली मेट्रोल और लोक परिवहन विभाग ने यात्रियों को सलाह दी कि बारिश और जलभराव के कारण समय से पहले निकलें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को चेतावनी दी कि भारी बारिश के पानी से फैली नमी और ठंड के कारण सर्दी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि सड़क सुरक्षा नियमों और स्वास्थ्य उपायों का पालन करें।
गुरुवार की असामान्य गर्मी और शुक्रवार की भीषण बारिश ने यह साबित कर दिया कि राजधानी दिल्ली में मौसम तेजी से बदल सकता है, और नागरिकों को हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन और मौसमी अस्थिरताओं का संकेत भी हो सकता है।
कुल मिलाकर, जनवरी 2026 का यह पहला सप्ताह दिल्लीवासियों के लिए अनोखा और यादगार साबित हुआ। एक तरफ 7 साल का सबसे गर्म दिन और दूसरी ओर 2 साल का सबसे ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड—इसने राजधानी की जलवायु की असामान्य लेकिन रोमांचक स्थितियों को उजागर किया।

