Neeraj Yadav Death News: 7 साल की उम्र में हुआ पोलियो, व्हीलचेयर टेनिस से शुरू किया सफर; एशियन पैरा गेम्स में जीते 3 गोल्ड
भारत के दिग्गज पैरा एथलीट नीरज यादव के निधन की खबर से खेल जगत में शोक है। 42 वर्षीय नीरज ने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई थी। महज सात साल की उम्र में उन्हें पोलियो के बाद होने वाला लकवा हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेलना नहीं छोड़ा और व्हीलचेयर टेनिस से अपने खेल करियर की शुरुआत की। बाद में उन्होंने पैरा एथलेटिक्स का रुख किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
व्हीलचेयर टेनिस से शुरू हुआ खेल का सफर
नीरज यादव को सात साल की उम्र में पोस्ट-पोलियो रेजिडुअल पैरालिसिस की समस्या हुई थी। इस शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का फैसला किया। वर्ष 2005 से 2012 तक उन्होंने व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद साल 2015 में उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में अपनी किस्मत आजमाई।
दिल्ली में आयोजित 2015 की राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में नीरज ने शॉटपुट, भाला फेंक और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस प्रदर्शन के बाद उनका चयन भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम में हुआ और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।
एशियन पैरा गेम्स में जीते तीन स्वर्ण पदक
नीरज यादव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पहचान 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में मिली। उन्होंने पुरुषों की F55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस दौरान उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।
इसके बाद 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने दो और स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने भाला फेंक और डिस्कस थ्रो में शानदार प्रदर्शन किया। इस तरह उनके एशियन पैरा गेम्स के स्वर्ण पदकों की संख्या तीन हो गई।
करियर में आया था डोपिंग प्रतिबंध का दौर
नीरज के खेल करियर में 2023 में डोपिंग से जुड़ा मामला भी सामने आया था। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने प्रतिबंधित पदार्थ स्टैनोजोलोल के लिए नमूना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा, जिसके कारण वह 2026 के एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके।
दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नीरज यादव 27 अक्टूबर की रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास अपनी एसयूवी के नजदीक अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों में जहर सेवन की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। मौत के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
नीरज यादव का सफर इस बात का उदाहरण रहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मेहनत और खेल के प्रति समर्पण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनके निधन से भारतीय पैरा खेल जगत ने एक अनुभवी खिलाड़ी को खो दिया है।

