जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत, परिवार ने जताई लापरवाही की आशंका
राजधानी के जनकपुरी इलाके में एक दुखद हादसा हुआ है, जिसमें एक बाइक सवार युवक की जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है। घटना देर रात की है, जब कमल ऑफिस से घर लौट रहा था।
पुलिस के अनुसार, कमल अपने बाइक पर घर लौटते समय सड़क पर पड़े खुले जल बोर्ड के गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे की गहराई और अंधेरी सड़क ने हादसे को और घातक बना दिया। पड़ोसियों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक कमल की मृत्यु हो चुकी थी।
हादसे के बाद परिवार ने रातभर थानों के चक्कर लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई। परिवार ने जल बोर्ड की लापरवाही की आशंका जताई और सवाल उठाया कि इतने बड़े इलाके में खुले गड्ढे क्यों छोड़े गए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सड़कों पर उचित सुरक्षा और निगरानी की कमी का परिणाम है।
पुलिस ने मौके पर जाकर जांच शुरू कर दी है और गड्ढे की स्थिति का फोटोग्राफिक और तकनीकी सर्वे किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी गौर किया जाएगा।
यह हादसा लोगों को नोएडा में हुई युवराज की घटना की याद दिला गया, जिसमें सड़क पर हुई लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले गड्ढे और खराब सड़कें न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
स्थानीय लोग भी प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे कई खुले गड्ढे हैं, जो रात के समय और अधिक खतरनाक हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सड़क पर स्पष्ट चेतावनी, पर्याप्त रोशनी और समय पर मरम्मत जरूरी हैं। साथ ही, जिम्मेदार विभागों को नियमित सर्वे और निगरानी करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
पुलिस ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल बोर्ड को जिम्मेदार ठहराने और सड़क सुरक्षा मानकों को लागू करने की सिफारिश की जा सकती है।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि शहर में सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक सतर्कता में कमी गंभीर परिणाम ला सकती है। जनकपुरी के इस हादसे ने न केवल कमल के परिवार को झकझोर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में लोगों में सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति चेतना बढ़ा दी है।

