ATM से पैसे नहीं निकले, खाते से रकम कटी तो बैंक देगा पैसा, 296 दिन का जुर्माना भी
अगर एटीएम से नकदी नहीं निकलती, लेकिन ग्राहक के बैंक खाते से रकम कट जाती है, तो बैंक की जिम्मेदारी बनती है कि वह निर्धारित नियमों के तहत ग्राहक के पैसे वापस करे। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक को रकम लौटाने के साथ जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
आयोग ने मामले में आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया और बैंक को 296 दिनों के लिए प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से जुर्माना देने का निर्देश दिया। इस हिसाब से बैंक पर 29,600 रुपये का जुर्माना बनता है।
ATM से कैश नहीं निकला, खाते से कट गए पैसे
मामले में ग्राहक ने शिकायत की थी कि उसने एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की थी। हालांकि मशीन से नकदी नहीं निकली, लेकिन उसके बैंक खाते से संबंधित रकम डेबिट हो गई। इसके बाद ग्राहक ने बैंक से संपर्क कर रकम वापस करने की मांग की।
ग्राहक का कहना था कि एटीएम से पैसा नहीं मिलने के बावजूद खाते से राशि कट जाना बैंकिंग सेवा में कमी है। मामले का समाधान नहीं होने पर उसने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
RBI के नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई
उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से रकम वापस करने में हुई देरी को ध्यान में रखा। आयोग ने माना कि ऐसी स्थिति में निर्धारित समय के भीतर ग्राहक के खाते में राशि वापस किया जाना जरूरी है।
आयोग ने बैंक को 296 दिनों की देरी के लिए प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से मुआवजा/जुर्माना देने का आदेश दिया। इसके अलावा ग्राहक की मूल रकम भी लौटाने के निर्देश दिए गए।
ATM ट्रांजैक्शन फेल होने पर क्या करें?
अगर एटीएम से पैसे नहीं निकलते और खाते से रकम कट जाती है तो ग्राहक को सबसे पहले ट्रांजैक्शन की रसीद, एसएमएस या बैंक स्टेटमेंट सुरक्षित रखना चाहिए। इसके बाद बैंक में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
अगर बैंक स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है तो ग्राहक उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था के जरिए आगे शिकायत कर सकता है। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता आयोग का भी रुख किया जा सकता है।
यह फैसला उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके खाते से ATM ट्रांजैक्शन के दौरान रकम कट जाती है लेकिन उन्हें नकदी नहीं मिलती। ऐसे मामलों में बैंक से समय पर शिकायत करना और लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

