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छात्रों के लिए पराठे बना रही थीं 'मेस आंटी', इमारत का मलबा गिरने से चली गई जान

छात्रों के लिए पराठे बना रही थीं 'मेस आंटी', इमारत का मलबा गिरने से चली गई जान

दक्षिण दिल्ली के साकेत में हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई, जिनमें छात्रों के बीच 'मेस आंटी' के नाम से मशहूर पार्वती भी शामिल थीं। उनकी मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर है, खासकर उन छात्रों के बीच जो रोज उनके हाथ का खाना खाया करते थे।

जानकारी के अनुसार, हादसे के समय पार्वती अपनी कैंटीन में छात्रों के लिए पराठे तैयार कर रही थीं। तभी बगल की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और उसका मलबा सीधे उनकी कैंटीन पर आ गिरा। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पार्वती पिछले कई वर्षों से छात्रों के लिए मेस चलाती थीं। उनका खाना सस्ता, स्वादिष्ट और घर जैसा माना जाता था। पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली आए कई छात्र उनके मेस पर नियमित रूप से भोजन करते थे। सीमित बजट में रहने वाले छात्रों के लिए उनका मेस किसी सहारे से कम नहीं था।

छात्र बताते हैं कि पार्वती सिर्फ खाना ही नहीं परोसती थीं, बल्कि छात्रों का हालचाल भी पूछती थीं और उन्हें परिवार जैसा स्नेह देती थीं। यही वजह थी कि इलाके में उन्हें सभी प्यार से 'मेस आंटी' कहकर बुलाते थे।

हादसे के बाद कई छात्रों ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने सिर्फ एक मेस संचालिका नहीं, बल्कि एक अभिभावक जैसा स्नेह देने वाली शख्सियत को खो दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग पार्वती को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके संघर्ष तथा छात्रों के प्रति समर्पण को याद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि साकेत में इमारत ढहने की इस घटना में कुल छह लोगों की जान गई है। हादसे के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

पार्वती की मौत ने इस हादसे को केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं रहने दिया, बल्कि इसे उन अनगिनत छात्रों की भावनाओं से जोड़ दिया है, जिनके लिए उनका मेस दिल्ली में घर जैसा एहसास देता था।

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