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ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल का ऐलान, 20 मई को मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद

ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन के विरोध में देशभर के केमिस्ट संगठनों ने बड़ा कदम उठाते हुए 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहने की संभावना है, जिससे आम जनता को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।  ऑनलाइन दवा बिक्री पर जताया विरोध  केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए दवाओं की बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था में कई बार नियमों की अनदेखी होती है, जिससे दवाओं की निगरानी और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।  संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं और पारंपरिक केमिस्टों के हितों की रक्षा की जाए।  20 मई को देशभर में असर  घोषणा के अनुसार, हड़ताल के दिन देश के कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य राज्य शामिल हैं। इससे सामान्य दवाओं की खरीद पर असर पड़ सकता है।  हालांकि संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता जारी रखी जाएगी, ताकि मरीजों को किसी तरह की गंभीर परेशानी न हो।  मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका  स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हड़ताल का असर आम मरीजों पर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जिन्हें नियमित दवाओं की आवश्यकता होती है। अस्पतालों और क्लीनिकों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।  सरकार से हस्तक्षेप की मांग  केमिस्ट संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जल्द हस्तक्षेप करें और एक संतुलित नीति तैयार करें, जिससे न तो ऑनलाइन दवा बिक्री प्रभावित हो और न ही स्थानीय दवा विक्रेताओं का कारोबार।

ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन के विरोध में देशभर के केमिस्ट संगठनों ने बड़ा कदम उठाते हुए 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहने की संभावना है, जिससे आम जनता को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर जताया विरोध

केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए दवाओं की बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था में कई बार नियमों की अनदेखी होती है, जिससे दवाओं की निगरानी और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं और पारंपरिक केमिस्टों के हितों की रक्षा की जाए।

20 मई को देशभर में असर

घोषणा के अनुसार, हड़ताल के दिन देश के कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य राज्य शामिल हैं। इससे सामान्य दवाओं की खरीद पर असर पड़ सकता है।

हालांकि संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता जारी रखी जाएगी, ताकि मरीजों को किसी तरह की गंभीर परेशानी न हो।

मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हड़ताल का असर आम मरीजों पर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जिन्हें नियमित दवाओं की आवश्यकता होती है। अस्पतालों और क्लीनिकों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

केमिस्ट संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जल्द हस्तक्षेप करें और एक संतुलित नीति तैयार करें, जिससे न तो ऑनलाइन दवा बिक्री प्रभावित हो और न ही स्थानीय दवा विक्रेताओं का कारोबार।

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