एमसीडी स्थायी समिति ने 2026-27 के बजट अनुमानों पर चर्चा की, नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य पर जोर
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति ने 2026-27 के बजट अनुमानों पर विस्तृत चर्चा की। समिति के सदस्यों ने नागरिक सुविधाओं में सुधार, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय अनुशासन को बजट में प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में सुझाव दिया गया कि जन स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, पशु चिकित्सा और बागवानी विभागों के लिए बजट बढ़ाया जाए, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। विशेष रूप से स्वास्थ्य और सफाई पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, क्योंकि इनसे सीधे नागरिकों के जीवन स्तर और शहर की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित वायु प्रदूषण और कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान की रिपोर्ट पर भी समिति ने गंभीरता से चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस उपाय करने होंगे, जबकि कर्मचारियों के वेतन समय पर भुगतान सुनिश्चित करने से निगम में कार्यकुशलता बढ़ेगी और कर्मचारी संतुष्टि सुनिश्चित होगी।
स्थायी समिति ने शिक्षा और स्कूलों की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया। समिति सदस्यों ने कहा कि निगम की आर्थिक मजबूती बनाए रखते हुए स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाया जाना चाहिए। बजट में स्कूलों और शिक्षा केंद्रों के लिए पर्याप्त धन आवंटित करना जरूरी है ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षण और अध्ययन का वातावरण मिल सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि निगम की वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए बजट आवंटन और खर्च की समीक्षा नियमित रूप से की जाए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक विभाग को आवंटित धन का उचित और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
सदस्यों ने बागवानी और पर्यावरणीय सुधार योजनाओं पर भी ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि शहर में हरियाली बढ़ाने, सार्वजनिक पार्कों और बागों के रख-रखाव के लिए बजट बढ़ाना जरूरी है। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
बैठक में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। सदस्यों ने सुझाव दिया कि स्मार्ट और नियमित कचरा संग्रहण, जल निकासी और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा, नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सक्रिय अभियान और कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।

