दिल्ली में फायर सेफ्टी नियमों में बड़ा बदलाव, अब थर्ड पार्टी भी दे सकेगी सर्टिफिकेट
राजधानी दिल्ली में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब आग से सुरक्षा संबंधी प्रमाणपत्र यानी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में थर्ड पार्टी एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रक्रियाएं तेज होंगी और भवनों में सुरक्षा मानकों का बेहतर तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, अब तक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से फायर विभाग के पास होती थी। कई बार निरीक्षण और मंजूरी की प्रक्रिया में लंबा समय लग जाता था, जिससे भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकृत थर्ड पार्टी एजेंसियां भी निरीक्षण कर प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगी।
सरकार का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बड़ी संख्या में निर्माण परियोजनाओं को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया था। इससे फायर विभाग पर काम का दबाव कम होगा और लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत केवल मान्यता प्राप्त और तकनीकी रूप से योग्य एजेंसियों को ही यह अधिकार दिया जाएगा। इन एजेंसियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। यदि किसी तरह की लापरवाही या गलत प्रमाणन सामने आता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर में फायर सेफ्टी बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। हाल के वर्षों में कई इमारतों, कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में निरीक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाना जरूरी माना जा रहा है।
हालांकि इस फैसले को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि यदि निगरानी मजबूत नहीं रही तो निजी एजेंसियों द्वारा लापरवाही या भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए सरकार को थर्ड पार्टी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और नियमित ऑडिट की मजबूत व्यवस्था बनानी होगी।
दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों का कहना है कि नई प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन निगरानी तंत्र भी विकसित किया जाएगा। इससे निरीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया की ट्रैकिंग आसान हो सकेगी।
फिलहाल फायर सेफ्टी नियमों में किया गया यह बदलाव दिल्ली में भवन सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

