केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बोले- अभी और काम की जरूरत
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के कामकाज का खुद आकलन किया है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सरकार के प्रदर्शन को 10 में नंबर दिए। इस दौरान केजरीवाल ने दिल्ली की विवादित आबकारी नीति को पूरे 10 नंबर दिए। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने माना कि अभी और काम किए जाने की जरूरत थी।
केजरीवाल से जब शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सरकार के कामकाज को लेकर नंबर देने को कहा गया तो उन्होंने 8 या 9 नंबर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में काफी काम हुआ, लेकिन अभी और काम किया जाना बाकी था। आम आदमी पार्टी की सरकार शिक्षा को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी केजरीवाल ने माना कि अभी सुधार की गुंजाइश थी। इसके अलावा उन्होंने पानी की आपूर्ति के काम को 7 नंबर दिए। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में पानी की समस्या दूर की गई थी और उन्हें उम्मीद थी कि अगले कुछ वर्षों में राजधानी में 24 घंटे पानी की आपूर्ति का लक्ष्य पूरा किया जा सकता था।
शराब नीति को क्यों दिए पूरे नंबर?
सबसे ज्यादा चर्चा केजरीवाल की ओर से आबकारी नीति को 10 में 10 नंबर दिए जाने की हो रही है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि शराब नीति बहुत अच्छी थी और इसे पंजाब में भी लागू किया गया। उनके मुताबिक पंजाब में इस नीति के बाद शराब से मिलने वाला राजस्व बढ़ा।
केजरीवाल ने नीति का बचाव करते हुए कहा कि पहले दिल्ली में शराब की दुकानों को लेकर अलग व्यवस्था थी और सरकार का मानना था कि नीलामी के जरिए अधिक राजस्व हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को अधिक राजस्व मिल रहा था तो इस नीति में गलत क्या था।
इसी नीति को लेकर जेल गए थे केजरीवाल
दिल्ली की 2021-22 आबकारी नीति को लेकर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। इसी मामले में मार्च 2024 में केजरीवाल गिरफ्तार हुए थे। हालांकि, फरवरी 2026 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत आरोपियों को मामले में डिस्चार्ज कर दिया। अदालत ने कहा था कि मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया सबूत नहीं हैं। मामले से जुड़ी आगे की कानूनी स्थिति को अलग से देखा जा रहा है।
केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान बिजली के काम को भी 10 में 10 नंबर दिए। वहीं, सड़क, ड्रेनेज और शासन-पारदर्शिता जैसे क्षेत्रों में उन्होंने अपनी सरकार को 8 से 9 नंबर दिए। सार्वजनिक परिवहन के लिए उन्होंने 7 से 8 नंबर का आकलन किया।
इस तरह केजरीवाल के इंटरव्यू में शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आत्ममूल्यांकन के साथ-साथ शराब नीति को लेकर उनका स्पष्ट बचाव भी सामने आया, जिस पर उनके राजनीतिक विरोधियों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।

