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नोएडा महर्षि आश्रम जमीन मामले में जांच तेज, ED के बाद पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण भी जुटा रहे गोपनीय रिपोर्ट

नोएडा महर्षि आश्रम जमीन मामले में जांच तेज, ED के बाद पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण भी जुटा रहे गोपनीय रिपोर्ट

नोएडा के महर्षि आश्रम से जुड़े जमीन मामले की जांच अब तेज होती नजर आ रही है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की सक्रियता के बाद पुलिस, प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण भी अपने स्तर पर जानकारी जुटाने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित विभागों की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेज और तथ्यों की समीक्षा की जा रही है।जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही अधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुलिस और प्रशासन के स्तर पर भी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, पुराने दस्तावेज और संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं नोएडा प्राधिकरण भी अपने रिकॉर्ड के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।

ईडी की कार्रवाई के बाद बढ़ी सक्रियता

महर्षि आश्रम जमीन मामले में ईडी की जांच सामने आने के बाद अन्य सरकारी एजेंसियों की सक्रियता भी बढ़ी है। संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि जमीन से जुड़े मामले में किन लोगों और संस्थाओं की भूमिका रही और किस स्तर पर नियमों का पालन किया गया।अधिकारियों की ओर से पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जमीन के आवंटन, स्वामित्व और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने में जुटे विभाग

बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन के अलावा नोएडा प्राधिकरण भी मामले से संबंधित गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर रहा है। रिपोर्ट में उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।मामले में अलग-अलग विभागों के स्तर पर जानकारी जुटाए जाने से जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या किसी आरोप को अंतिम रूप से सही मानना उचित नहीं होगा।

दस्तावेजों की जांच पर जोर

जांच एजेंसियां जमीन से जुड़े दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि जमीन से जुड़े फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए और संबंधित नियमों का पालन हुआ या नहीं।फिलहाल मामले में जांच जारी है। ईडी समेत संबंधित एजेंसियों की पड़ताल और विभागीय रिपोर्ट सामने आने के बाद ही जमीन मामले से जुड़े आरोपों और जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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