एक्सक्लूसिव फुटेज में जाने दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया फ्लाइट में लैंडिंग के दौरान ‘टेल स्ट्राइक’, 181 यात्री सुरक्षित
दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट के साथ गुरुवार को केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक तकनीकी घटना सामने आई। विमान रनवे पर उतरते समय असंतुलित हो गया, जिससे उसका पिछला हिस्सा (टेल सेक्शन) जमीन से टकरा गया। इस घटना को एविएशन की भाषा में ‘टेल स्ट्राइक’ कहा जाता है।जानकारी के अनुसार, फ्लाइट की लैंडिंग सामान्य प्रक्रिया के तहत शुरू हुई थी, लेकिन अंतिम चरण में विमान का पिछला हिस्सा रनवे से हल्का टच हो गया। पायलटों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया और किसी भी बड़े हादसे को टाल दिया।
इस फ्लाइट में कुल 181 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से उतार लिया गया और एयरपोर्ट पर सामान्य प्रक्रियाओं के तहत उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था की गई।घटना के बाद विमान की प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें इसके पिछले हिस्से पर हल्के स्क्रैच और सतही नुकसान के संकेत मिले हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें विमान के टेल सेक्शन पर स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं। हालांकि, विमान की संरचनात्मक स्थिति पर विस्तृत तकनीकी जांच अभी जारी है।
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, ‘टेल स्ट्राइक’ की घटनाएं आमतौर पर तब होती हैं जब लैंडिंग के समय विमान का एंगल या स्पीड सही संतुलन में नहीं रहती, या फिर रनवे पर टचडाउन के दौरान पिच कंट्रोल में हल्की गड़बड़ी हो जाती है। हालांकि आधुनिक विमानों में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए कई सुरक्षा प्रणालियां मौजूद होती हैं।एअर इंडिया की ओर से फिलहाल इस घटना पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन विमान को ग्राउंड कर आगे की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और एविएशन रेगुलेटरी एजेंसियां भी मामले की समीक्षा कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हुआ था या नहीं।
यात्रियों ने बताया कि लैंडिंग के दौरान उन्हें हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन इसके बाद स्थिति सामान्य रही और विमान सुरक्षित रूप से टर्मिनल तक पहुंच गया। यह घटना एक बार फिर विमानन सुरक्षा और लैंडिंग प्रक्रियाओं की अहमियत को रेखांकित करती है, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि न होने से बड़ी दुर्घटना टल गई।

