PM मोदी की अपील का असर: दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने सरकारी विभागों में कार्य संस्कृति और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत अब सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दी जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य न केवल ईंधन और ऊर्जा की बचत करना है, बल्कि दफ्तरों में भीड़ कम करना और डिजिटल वर्किंग सिस्टम को और मजबूत बनाना भी है। इस फैसले को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत कई विभागों में कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम दिया जाएगा, ताकि कार्यालयों का कामकाज भी सुचारु रूप से चलता रहे और सेवाएं प्रभावित न हों। जिन विभागों में फील्ड वर्क अधिक है, वहां इस व्यवस्था को सीमित रूप से लागू किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑनलाइन सर्विसेज के विस्तार के बाद अब वर्क फ्रॉम होम एक व्यावहारिक विकल्प बन चुका है। इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला शहरी प्रशासन के लिए एक आधुनिक मॉडल की ओर संकेत करता है, जहां कामकाज को अधिक लचीला और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। हालांकि, कुछ कर्मचारी संगठनों ने इस व्यवस्था को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सभी विभागों में यह मॉडल समान रूप से लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार इसमें बदलाव भी किए जा सकते हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जनता से जुड़े कामों में किसी प्रकार की देरी न हो।
कुल मिलाकर, पीएम की अपील के बाद लिया गया यह फैसला प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है, जिसका असर आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।

