दिल्ली में एक संगठित हनीट्रैप गैंग का मामला सामने आया है, जो डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाकर उनसे ठगी और ब्लैकमेलिंग करता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गैंग पहले सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था।
जानकारी के अनुसार, यह गैंग पहले डेटिंग ऐप पर मैच करता था, फिर चैटिंग के जरिए भरोसा जीतता था। इसके बाद पीड़ितों को मिलने के लिए फ्लैट या किसी निजी जगह पर बुलाया जाता था, जहां पूरी साजिश को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, मुलाकात के दौरान पीड़ितों को फंसाने के लिए कई तरह के जाल बिछाए जाते थे। बाद में धमकी देकर या आपत्तिजनक परिस्थितियों में फंसा दिखाकर पैसे की मांग की जाती थी। कई मामलों में वीडियो और फोटो के जरिए ब्लैकमेलिंग भी की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे—कुछ लोग सोशल मीडिया पर संपर्क बनाते थे, कुछ लोग पीड़ित को मिलने के लिए बुलाते थे, जबकि अन्य लोग बाद में धमकी और वसूली का काम संभालते थे।
पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और गैंग के कई सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल चैट्स की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोगों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए और अनजान प्रोफाइल से मुलाकात करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।

