अक्षरधाम में ऐतिहासिक आयोजन: 108 फीट ऊंची श्रीनीलकंठवर्णी प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कल
दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम एक बार फिर विश्व स्तर पर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। गुरुवार को यहां तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी (भगवान स्वामीनारायण) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।
Swaminarayan Akshardham Temple पहले से ही अपनी भव्य वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, और यह आयोजन इसे एक नई वैश्विक पहचान देने वाला माना जा रहा है।
यह प्रतिमा वैश्विक BAPS संस्था के प्रमुख ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज की उपस्थिति में प्रतिष्ठित की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह प्रतिमा पंचधातु से निर्मित है और इसे भगवान स्वामीनारायण के कठिन तप और साधना के प्रतीक स्वरूप डिजाइन किया गया है। विशेष बात यह है कि यह प्रतिमा ‘एक चरण’ पर अडिग खड़ी मुद्रा में है, जो त्याग और तपस्या का प्रतीक मानी जा रही है।
इस भव्य आयोजन की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को भी अत्यंत कड़ा किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में दुनिया भर से लगभग 300 संत और महंत शामिल हो रहे हैं, जिनमें यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। यह आयोजन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के वैश्विक विस्तार का प्रतीक माना जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि यह प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि युवाओं को संयम, तप और जीवन मूल्यों का संदेश भी देगी।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर भारी भीड़ को देखते हुए विशेष यातायात और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

