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मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर बरी, कोर्ट ने कहा- ईडी आरोप साबित करने में रही विफल

मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर बरी, कोर्ट ने कहा- ईडी आरोप साबित करने में रही विफल

 प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ईडी यह साबित करने में विफल रहा कि कथित संपत्ति अपराध से अर्जित की गई थी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी तथ्यों और सबूतों का होना आवश्यक है। जांच एजेंसी आरोपों को स्थापित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को मामले में राहत दी।

ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप लगाए थे और दावा किया था कि कुछ संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से जुड़ी हुई थीं। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी इन आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रही।

अदालत के इस फैसले को ईडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि हाल के समय में एजेंसी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच कर रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि आरोपों को प्रमाणित करने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि ईडी के आरोप पर्याप्त प्रमाणों पर आधारित नहीं हैं। पक्ष ने कहा कि जांच एजेंसी अपराध से अर्जित संपत्ति से संबंधित कोई ठोस लिंक स्थापित नहीं कर पाई है।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। इसके बाद कोर्ट ने पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से बरी करने का आदेश दिया।

गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ईडी को यह साबित करना होता है कि संबंधित संपत्ति या धन किसी आपराधिक गतिविधि से प्राप्त हुआ है। इस मामले में अदालत ने माना कि जांच एजेंसी इस महत्वपूर्ण पहलू को साबित नहीं कर सकी।

अदालत के फैसले के बाद पूर्व मेजर जनरल आनंद कुमार कपूर को बड़ी राहत मिली है। वहीं, यह फैसला ईडी की जांच और उसके द्वारा पेश किए गए सबूतों पर भी सवाल खड़े करता है।

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