राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित राम चौक बाजार के निकट एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत कुल नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इमारत के अंदर फंसे लोग मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन आग और धुएं के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और कई लोगों की जान जा चुकी थी।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। हालांकि, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और फॉरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है।
इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। प्रशासन की ओर से राहत और मुआवजे की घोषणा की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इमारतों में फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम होते, तो शायद इतनी बड़ी जानमाल की हानि को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

