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पूर्वी दिल्ली में पिता की गोली मारकर हत्या, नाबालिग बेटे के झगड़े में हुई वारदात

पूर्वी दिल्ली में पिता की गोली मारकर हत्या, नाबालिग बेटे के झगड़े में हुई वारदात

पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में एक नाबालिग के झगड़े में बीच-बचाव करने गए पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान उमरदीन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना इलाके में तनावपूर्ण स्थिति के दौरान हुई, जब लड़के और उसके दोस्तों के बीच झगड़ा हुआ।

पुलिस के अनुसार, 15 वर्षीय बेटे तहजीम अपने दोस्तों के साथ किसी विवाद में फंस गया था। लड़ाई बढ़ने पर तहजीम ने अपने माता-पिता को बुलाया ताकि स्थिति को शांत किया जा सके। जब उमरदीन घटनास्थल पर पहुंचे और झगड़े में हस्तक्षेप किया, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया और सीने में गोली मार दी। घटना के तुरंत बाद उमरदीन को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया कि मामले में FIR दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह पता चला कि हमलावरों और नाबालिग के बीच पुरानी रंजिश और स्थानीय तनाव की वजह से विवाद भड़क गया। पुलिस ने इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संभावित गवाहों से पूछताछ करने का काम शुरू कर दिया है।

स्थानीय निवासी इस घटना से सकते में हैं। उन्होंने बताया कि नंद नगरी इलाके में पहले भी नाबालिगों के झगड़ों की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन इस बार यह जबरदस्त हिंसा और जानलेवा हमला बन गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बच्चों के बीच सामाजिक और शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों के झगड़े अक्सर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दबाव का नतीजा होते हैं। उन्होंने अभिभावकों और समाज से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और ऐसे मामलों में शांतिपूर्ण समाधान अपनाएं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी इन झगड़ों और हिंसक घटनाओं पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।

पुलिस ने उमरदीन के परिवार को सुरक्षा और कानूनी मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी पकड़ने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

कुल मिलाकर, नंद नगरी की यह घटना नाबालिगों के झगड़े और स्थानीय हिंसा की गंभीरता को उजागर करती है। उमरदीन की हिम्मत और बेटे के लिए बीच-बचाव की कोशिश ने उन्हें शहीद बना दिया, जबकि पुलिस मामले की तीव्र जांच में लगी हुई है।

यह घटना समाज को चेतावनी देती है कि बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ते तनाव और हिंसक झगड़े कभी-कभी गंभीर परिणाम ला सकते हैं। सुरक्षा, सतर्कता और उचित मार्गदर्शन के बिना ऐसे हादसे अनियंत्रित रूप से बढ़ सकते हैं, जिसे रोकने के लिए समुदाय और पुलिस दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

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