Samachar Nama
×

चावड़ी बाजार में इमारत गिरने से पहले ही पुलिस ने MCD को दी थी अवैध निर्माण की सूचना, 5 महीने तक नहीं हुई कार्रवाई

चावड़ी बाजार में इमारत गिरने से पहले ही पुलिस ने MCD को दी थी अवैध निर्माण की सूचना, 5 महीने तक नहीं हुई कार्रवाई

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में गुरुवार सुबह तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी सामने आई है कि हादसे से करीब पांच महीने पहले ही दिल्ली पुलिस ने इमारत में चल रहे अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम (MCD) को सूचित कर दिया था। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस खुलासे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, चावड़ी बाजार इलाके में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गुरुवार सुबह अचानक ढह गई। इमारत गिरने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में इमारत में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठे थे।

अब सामने आया है कि दिल्ली पुलिस ने लगभग पांच महीने पहले ही इस इमारत में हो रहे अवैध निर्माण की जानकारी MCD को भेज दी थी। पुलिस की ओर से सूचना दिए जाने के बावजूद निर्माण को रोकने या इमारत के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब संबंधित विभाग को पहले ही संभावित खतरे के बारे में जानकारी मिल गई थी, तो समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।

इस मामले ने दिल्ली में पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चावड़ी बाजार जैसे इलाकों में कई इमारतें पुरानी हैं और यहां निर्माण तथा मरम्मत के काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद यदि अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।

हादसे के बाद अब यह जांच का विषय है कि पुलिस की ओर से MCD को भेजी गई सूचना पर संबंधित अधिकारियों ने क्या कदम उठाए थे। सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के पीछे की वजह भी सामने आना बाकी है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग उठ सकती है।

फिलहाल इमारत गिरने की घटना और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पांच महीने पहले दी गई सूचना का खुलासा होने के बाद यह मामला केवल इमारत गिरने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Share this story

Tags