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दिल्ली में फुटपाथों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, पैदल यातायात और सुरक्षा के लिए चुनौती

दिल्ली में फुटपाथों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, पैदल यातायात और सुरक्षा के लिए चुनौती

राजधानी दिल्ली में ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या फुटपाथों पर पैदल चलने वालों और यातायात के लिए गंभीर समस्या बन गई है। विशेषज्ञ और स्थानीय नागरिक दोनों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में ये स्टेशन फुटपाथों को अवरुद्ध कर रहे हैं और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ा रहे हैं।

दिल्ली में सरकार और निजी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग नेटवर्क बढ़ा रही हैं। हालांकि, शहरी नियोजन और फुटपाथ की उपलब्धता को ध्यान में नहीं रखते हुए इन चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। नतीजतन, कई जगह पैदल यात्री सड़क पर उतरकर चलने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई इलाकों में फुटपाथ पहले ही संकीर्ण हैं और चार्जिंग स्टेशन लगने के बाद पैदल चलने की जगह लगभग खत्म हो गई है। "हमारे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गई है। कई बार उन्हें वाहन चालकों से बचते हुए चलना पड़ता है," एक स्थानीय निवासी ने बताया।

शहरी यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि ईवी चार्जिंग स्टेशनों का सही स्थान पैदल मार्गों और मुख्य फुटपाथों से अलग होना चाहिए। इसके लिए सरकार और नगर निगम को पूर्व नियोजन करना होगा। उन्होंने कहा कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधाओं को नजरअंदाज करना शहर की सुरक्षा और सड़कों के उपयोग के लिए खतरा है।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि चार्जिंग स्टेशन पार्किंग स्थल, खाली सरकारी भूमि या बड़ी सड़कों के किनारे स्थापित किए जाएं, ताकि फुटपाथ अवरुद्ध न हों। इसके अलावा, नागरिकों और स्थानीय दुकानदारों को भी इस योजना में शामिल करके शहर में संतुलित और सुरक्षित चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि उन्होंने कई स्थानों पर स्थिति का निरीक्षण किया है और नगर निगम के साथ मिलकर सुधार के उपाय पर काम किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि पैदल मार्गों और चार्जिंग स्टेशन के बीच संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है, ताकि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस समस्या से न केवल पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है, बल्कि सड़क पर वाहन संचालन में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। कई इलाकों में वाहन चालक चार्जिंग स्टेशन के कारण सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतने को मजबूर हैं, जिससे यातायात प्रवाह धीमा और असुरक्षित हो गया है।

निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना आवश्यक है, लेकिन शहर की सुरक्षा और पैदल मार्गों की सुविधा के साथ संतुलन बनाए बिना यह कदम उल्टा असर डाल सकता है।

इसलिए अब समय आ गया है कि नगर निगम, बिजली विभाग और स्मार्ट सिटी प्राधिकरण मिलकर चार्जिंग स्टेशन की योजना बनाएं और दिल्ली को सुरक्षित, स्मार्ट और पैदल यात्री अनुकूल शहर बनाएं।

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