अल फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ ईडी मामले की सुनवाई 27 मार्च तक स्थगित
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ ईडी (एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) द्वारा दायर आरोपपत्र की सुनवाई अब 27 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। यह फैसला बचाव पक्ष की ओर से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने और स्थगन याचिका दायर करने के बाद लिया गया।
अदालत ने इस दौरान ईडी को नोटिस जारी किया और जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी। इससे पहले आरोपी को अदालत में पेश किया गया था और उनके पक्ष ने विभिन्न दस्तावेजों की मांग की थी, जो मामले की गहन जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक माने जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने जवाद सिद्दीकी पर वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों में आरोप लगाए हैं। हालांकि, सिद्दीकी और उनके वकीलों ने इन आरोपों को लेकर कई तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी प्रश्न उठाए हैं, जिनके जवाब के लिए उन्हें और समय देने की मांग की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत द्वारा सुनवाई स्थगित करना सावधानी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त समय मिले और न्यायालय सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का सही तरीके से विश्लेषण कर सके।
ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जांच अभी भी चल रही है और आरोपपत्र के अलावा कई अन्य दस्तावेज और वित्तीय रिकार्ड्स की समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसी ने अदालत से अनुरोध किया था कि आरोपी की हिरासत बढ़ाई जाए ताकि जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सिद्दीकी की हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी।
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि जवाद अहमद सिद्दीकी को पूरा मौका दिया जाना चाहिए ताकि वे दस्तावेज और साक्ष्यों की समीक्षा कर सकें और उचित उत्तर दे सकें। इसके बाद अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 27 मार्च तय की।
इस मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने भी बयान जारी किया है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और सहयोग के लिए तैयार हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि संस्था के सभी वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज ईडी की जांच में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जवाद सिद्दीकी मामले में अदालत द्वारा सुनवाई स्थगित करना और हिरासत बढ़ाना संपूर्ण जांच और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए आवश्यक कदम हैं। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पक्ष दबाव या जल्दीबाजी में निर्णय का सामना न करे।
इस प्रकार, जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ ईडी का मामला अब 27 मार्च तक लंबित रहेगा, और तब तक आरोपी की हिरासत जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई में दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

