दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए नए निर्देश
राष्ट्रीय राजधानी में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को एक महीने से अधिक की फीस एक साथ जमा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
इस फैसले का उद्देश्य अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना और स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना है। शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि कई स्कूलों द्वारा एक साथ कई महीनों की फीस वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि स्कूल की मान्यता (recognition) रद्द करने तक की कार्रवाई संभव है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नियम सभी निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा और किसी भी स्थिति में अभिभावकों पर अतिरिक्त या अग्रिम फीस का दबाव नहीं बनाया जा सकता।
इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन परिवारों को जो लगातार बढ़ती स्कूल फीस से परेशान थे।
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी और फीस संरचना को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करना होगा, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, यह फैसला निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था में अनुशासन लाने और अभिभावकों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

