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दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी नई मेट्रो कनेक्टिविटी, रिठाला-कुंडली कॉरिडोर पर शुरू हुई तैयारी; 11 नए स्टेशन बनेंगे

दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी नई मेट्रो कनेक्टिविटी, रिठाला-कुंडली कॉरिडोर पर शुरू हुई तैयारी; 11 नए स्टेशन बनेंगे

दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली, हरियाणा और गाजियाबाद के बीच आवागमन पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

11 नए स्टेशन बनेंगे, 10 होंगे एलिवेटेड

रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के इस हिस्से पर कुल 11 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से 10 स्टेशन एलिवेटेड होंगे, जबकि एक स्टेशन भूमिगत या परियोजना के डिजाइन के अनुसार विकसित किया जाएगा। एलिवेटेड स्टेशन बनने से निर्माण कार्य में तेजी आने के साथ-साथ लागत और समय दोनों की बचत होने की संभावना है।

रेड लाइन से गाजियाबाद की बेहतर कनेक्टिविटी

यह नया कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन से जुड़कर गाजियाबाद तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों और हरियाणा के कुंडली क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सड़क यातायात का दबाव कम होने और यात्रा का समय घटने की भी उम्मीद है।

नोएडा सेक्टर-142 से बोड़ाकी रूट पर भी जल्द काम

रिठाला-कुंडली कॉरिडोर के अलावा नोएडा सेक्टर-142 से बोड़ाकी तक प्रस्तावित मेट्रो रूट पर भी जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह परियोजना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।

लाखों यात्रियों को होगा फायदा

इन दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। नई मेट्रो लाइनें रोजगार, शिक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवागमन को आसान बनाएंगी। इसके साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क होगा और मजबूत

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती आबादी और परिवहन की जरूरतों को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। रिठाला-कुंडली और नोएडा सेक्टर-142-बोड़ाकी कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती देंगी। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और अधिक आधुनिक, तेज और सुविधाजनक बन जाएगा।

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