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Delhi Liquor App: एक साल बाद भी लोकप्रिय नहीं हुई शराब बुकिंग ऐप, घर पर डिलीवरी की सुविधा नहीं

Delhi Liquor App: एक साल बाद भी लोकप्रिय नहीं हुई शराब बुकिंग ऐप, घर पर डिलीवरी की सुविधा नहीं

दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बुकिंग के लिए शुरू की गई ‘दिल्ली लिकर बुकिंग’ ऐप को लॉन्च होने के करीब एक साल बाद भी लोगों से सीमित प्रतिक्रिया मिली है। दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) की ओर से शुरू की गई इस सुविधा के जरिए ग्राहक शराब के ब्रांड और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी लेकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि, शराब की होम डिलीवरी की सुविधा नहीं होने के कारण ग्राहकों को बोतल लेने के लिए खुद दुकान तक जाना पड़ता है।

नवंबर 2025 में शुरू हुई थी सुविधा

DSIIDC ने नवंबर 2025 में शराब की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की थी। इसका उद्देश्य ग्राहकों को दुकान पर जाने से पहले उपलब्ध ब्रांड और स्टॉक की जानकारी देना, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और दुकानों पर लगने वाली कतारों को कम करना है। फिलहाल यह सुविधा निगम की ओर से संचालित 208 शराब दुकानों पर उपलब्ध है। दिल्ली में सरकारी निगमों के अंतर्गत कुल 700 से अधिक शराब की दुकानें संचालित होती हैं।

पहले से जान सकते हैं कौन-सा ब्रांड उपलब्ध है

इस ऐप का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को पंजीकरण करना होता है। इसके बाद वे उपलब्ध शराब के ब्रांड, बोतल का आकार और मात्रा चुनकर संबंधित दुकान से बुकिंग कर सकते हैं। भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है। बुकिंग पूरी होने पर एक क्यूआर कोड मिलता है, जिसे दुकान पर दिखाकर ऑर्डर प्राप्त किया जा सकता है।

ग्राहकों को बुकिंग और भुगतान के बाद 48 घंटे के भीतर चुनी गई दुकान से शराब लेनी होती है। तय समय में ऑर्डर नहीं लेने पर बुकिंग की सुविधा का लाभ प्रभावित हो सकता है। शराब लेने से पहले बुकिंग रद्द करने का विकल्प भी उपलब्ध है, लेकिन खरीदने के बाद बोतल वापस करने की सुविधा नहीं है।

एक साल में कितनी हुई बुकिंग?

DSIIDC के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में ऐप के माध्यम से 3,629 लेनदेन हुए और करीब 12.93 लाख रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में 28 अक्टूबर 2026 तक लगभग 10,730 लेनदेन के जरिए करीब 29.90 लाख रुपये की बिक्री हुई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि डिजिटल बुकिंग का इस्तेमाल बढ़ा है, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया अपेक्षा के अनुरूप व्यापक नहीं रही।

होम डिलीवरी नहीं, फिर भी हैं कई फायदे

ऐप की सबसे बड़ी सीमा यह है कि इससे घर बैठे शराब नहीं मंगाई जा सकती। ग्राहकों को अपनी चुनी हुई दुकान पर जाकर ही ऑर्डर लेना पड़ता है। इसके बावजूद स्टॉक की जानकारी पहले मिलना, ऑनलाइन भुगतान करना और दुकान के काउंटर पर भुगतान के लिए लगने वाली कतार से बचना इसके प्रमुख फायदे हैं।

यह सुविधा फिलहाल 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र ग्राहकों के लिए है। पहले से बुकिंग होने से ग्राहकों को दुकान पर पहुंचकर पसंदीदा ब्रांड उपलब्ध न होने की परेशानी से भी बचने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, दिल्ली की शराब बुकिंग ऐप डिजिटल भुगतान और स्टॉक की जानकारी देने में उपयोगी साबित हो सकती है, लेकिन होम डिलीवरी नहीं होने और सीमित दुकानों तक उपलब्ध रहने के कारण इसकी पहुंच अभी सीमित है। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल कितना बढ़ता है, यह सुविधा के विस्तार और ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

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