दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद को 2 जून तक अंतरिम जमानत, कड़ी सुरक्षा शर्तें लागू
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जेल में बंद बारामूला से सांसद अब्दुल राशिद शेख, जिन्हें इंजीनियर राशिद के नाम से भी जाना जाता है, को 2 जून 2026 तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। यह फैसला कानूनी और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से अहम माना जा रहा है।
कोर्ट ने जमानत देते समय स्पष्ट रूप से कुछ सख्त शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन अनिवार्य होगा। आदेश के अनुसार, अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान सांसद के साथ हमेशा सादे कपड़ों में कम से कम दो पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जमानत अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो। इसी कारण पुलिस को लगातार निगरानी रखने और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने कहा कि यह व्यवस्था सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।
लंबे समय से चल रहा मामला
इंजीनियर राशिद कई मामलों में जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच यह अंतरिम राहत दी गई है। यह मामला पिछले कुछ समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा में बना हुआ है, क्योंकि इसमें कई संवेदनशील पहलू शामिल हैं।
कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य और अन्य आधारों पर राहत की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत देने का निर्णय लिया।
राजनीतिक हलचल की संभावना
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है। जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों में इंजीनियर राशिद की भूमिका और प्रभाव को देखते हुए यह जमानत आने वाले दिनों में चर्चा का विषय बनी रह सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरिम जमानतें कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं, लेकिन इनके राजनीतिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होते हैं।

