दिल्ली में सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती, नियम उल्लंघन पर 85 कंपनियों को जारी हुआ शो-कॉज नोटिस
राजधानी दिल्ली में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली में 19 प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है और बिना प्रमाणित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का उत्पादन, बिक्री या उपयोग गैरकानूनी है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाली 85 कंपनियों को दिल्ली सरकार ने शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह खुलासा सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में किया है।
दिल्ली सरकार की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। राजधानी में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और उसके दुष्प्रभावों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे या तो प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कर रही थीं या फिर बिना प्रमाणित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का कारोबार कर रही थीं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत 1 जुलाई 2022 से देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू है। इसके तहत प्लास्टिक स्ट्रॉ, प्लेट, कप, चम्मच, कांटे, पैकेजिंग फिल्म, प्लास्टिक झंडे और थर्माकोल जैसे कई उत्पादों पर रोक लगाई गई है। दिल्ली सरकार ने इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं।
एनजीटी को सौंपी गई रिपोर्ट में दिल्ली सरकार ने बताया कि नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण समिति और संबंधित विभागों के माध्यम से नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और गोदामों में छापेमारी कर प्रतिबंधित प्लास्टिक की जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां तत्काल कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जुर्माना लगाने और लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त कदम भी उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। यह न सिर्फ मिट्टी और जल को प्रदूषित करता है, बल्कि जानवरों और मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालता है। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
हालांकि व्यापारियों का एक वर्ग इस पर चिंता भी जता रहा है। उनका कहना है कि बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक की उपलब्धता और लागत को लेकर अभी कई समस्याएं हैं। इस पर सरकार का कहना है कि वैकल्पिक उत्पादों को बढ़ावा देने और व्यापारियों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार द्वारा 85 कंपनियों को शो-कॉज नोटिस जारी करना यह संकेत देता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे के सही निपटान को लेकर ठोस और सख्त कदम उठाने के मूड में है। आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किए जाने की संभावना है।

