दिल्ली सरकार की EV पॉलिसी 2.0 सार्वजनिक, सुझाव और आपत्तियों के लिए आमंत्रण; इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 को सार्वजनिक कर दिया है। इस नीति को अब आम जनता, विशेषज्ञों और हितधारकों की राय, सुझाव और आपत्तियों के लिए पब्लिक डोमेन में रखा गया है, ताकि अंतिम रूप देने से पहले व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जा सके।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। खासकर ऑटो-रिक्शा सहित इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे शहरी परिवहन को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई EV पॉलिसी 2.0 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना (2023) के मौजूदा प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पहले से लागू नियमों और ढांचे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ सकता है। इससे ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरणीय सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल सरकार ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे इस मसौदे पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि अंतिम नीति को और अधिक प्रभावी और संतुलित बनाया जा सके।

